वन विभाग की टीम ने चलाया सर्च अभियान
सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी रामनगर वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाली फतेहपुर रेंज के पनियाली और आसपास के क्षेत्रों में खौफ का साया एक बार फिर गहराने लगा है। बीते दिनों दो महिलाओं को निवाला बनाने वाले आदमखोर बाघ के पकड़े जाने के बाद जिस राहत की उम्मीद जताई जा रही थी, वह अब पुनः भय में तब्दील हो गई है। ग्रामीणों के ताज़ा दावों ने वन विभाग की रातों की नींद उड़ा दी है।
बजूनियाहल्दू क्षेत्र के ग्रामीणों ने सूचना दी है कि उन्होंने एक बाघिन को उसके दो शावकों के साथ जंगल के मुहाने पर देखा है। इस खबर के फैलते ही पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया है। गौरतलब है कि इसी क्षेत्र में बीते 12 फरवरी को गंगा देवी और 25 फरवरी को कमला देवी की बाघ के हमले में दर्दनाक मौत हो गई थी। इन घटनाओं के बाद से ही फतेहपुर रेंज को ‘सेंसिटिव जोन’ माना जा रहा है।
वन विभाग की सक्रियता और अनिश्चितता
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम हरकत में आई। डीएफओ ध्रुव सिंह मर्तोलिया ने स्वयं प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। हालांकि, विभाग ने फिलहाल बाघ की मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
- विभागीय गश्त: टीम ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन फिलहाल कोई ठोस साक्ष्य हाथ नहीं लगा है।
- संभावनाएं: अधिकारियों का मानना है कि ग्रामीण भ्रमवश मादा तेंदुए और उसके शावकों को बाघ समझ रहे होंगे।
- तकनीकी निगरानी: वन्यजीव की सटीक पहचान के लिए क्षेत्र में जगह-जगह कैमरा ट्रेप लगा दिए गए हैं।
सावधानी ही एकमात्र बचाव
वन विभाग ने ग्रामीणों के लिए कड़ा अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने अपील की है कि:
- रात्रि के समय अकेले घर से बाहर न निकलें।
- जंगल के समीपवर्ती क्षेत्रों में जाने से पूर्णतः परहेज करें।
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि या पदचिह्न दिखने पर तत्काल नजदीकी वन चौकी को सूचित करें।
फिलहाल, विभाग की टीमें 24 घंटे निगरानी कर रही हैं, लेकिन ग्रामीणों की आंखों में तैरता खौफ यह बताने के लिए काफी है कि फतेहपुर के जंगलों में अभी खतरा टला नहीं है।


