17 मार्च को जिले भर में होगी मेगा मॉक ड्रिल
CNE REPORTER, बागेश्वर। किसी भी आकस्मिक आपदा से निपटने के लिए जिला प्रशासन अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है। आगामी 17 मार्च को होने वाले जनपद स्तरीय मॉक अभ्यास (Mock Drill) की पूर्व तैयारी के लिए जिलाधिकारी आकांशा कोंडे की अध्यक्षता में ‘टेबल टॉप एक्सरसाइज’ का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि आपदा के समय “थ्योरी नहीं, त्वरित एक्शन” ही जान-माल की रक्षा कर सकता है।
रचनात्मक सोच और टीम वर्क पर जोर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा कभी बताकर नहीं आती, इसलिए अभ्यास के दौरान कल्पनाशीलता (Creativity) और सटीक आकलन बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर दिया कि:
- यह अभ्यास केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक कार्यक्षमता की जांच है।
- इंसिडेंट कमांडर की भूमिका आपदा के समय ‘रीढ़ की हड्डी’ की तरह होती है, जहाँ त्वरित निर्णय लेना अनिवार्य है।
- सभी विभाग अपने संसाधनों और उपकरणों की सूची अपडेट कर तत्काल आपदा प्रबंधन विभाग को सौंपें।
इन चार मोर्चों पर होगा कड़ा अभ्यास
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि जिले के चार मुख्य केंद्रों— बागेश्वर, गरुड़, कांडा और कपकोट में एक साथ मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस दौरान मुख्य रूप से इन चार चुनौतियों पर फोकस रहेगा:
- भूकंप (Earthquake)
- भूस्खलन (Landslide)
- वनाग्नि (Forest Fire)
- मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-Wildlife Conflict)
सायरन बजते ही घबराएं नहीं: प्रशासन की अपील
जिलाधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि 17 मार्च को अभ्यास शुरू होने से पहले सूचना के तौर पर सायरन बजाया जाएगा। नागरिक इसे वास्तविक आपदा न समझें और बिल्कुल न घबराएं। यह केवल प्रशासन की तैयारियों को परखने का एक हिस्सा है।
“कम्युनिकेशन गैप आपदा में सबसे बड़ा दुश्मन है। हमारी वायरलेस प्रणाली और सूचना तंत्र इतना सुदृढ़ होना चाहिए कि राहत कार्य के दौरान एक सेकंड की भी देरी न हो।” — आकांशा कोंडे, जिलाधिकारी
इस महत्वपूर्ण रणनीति सत्र में अपर जिलाधिकारी एन. एस. नबियाल, उपजिलाधिकारी प्रियंका रानी, जिला विकास अधिकारी संगीता आर्या और पुलिस उपाधीक्षक अजय साह सहित तमाम विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।


