HomeUttarakhandAlmoraअल्मोड़ा: विद्यार्थियों ने सीखे प्राथमिक चिकित्सा और डिजिटल सुरक्षा के गुर

अल्मोड़ा: विद्यार्थियों ने सीखे प्राथमिक चिकित्सा और डिजिटल सुरक्षा के गुर

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डॉ. लीलाधर भट्ट विद्या मंदिर में रेडक्रॉस का प्रशिक्षण शिविर

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। डोटियाल गांव (ताकुला) स्थित डॉ. लीलाधर भट्ट श्री राम विद्या मन्दिर इंटर कॉलेज में रेडक्रॉस सोसायटी अल्मोड़ा द्वारा एक दिवसीय सघन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर का मुख्य आकर्षण सीपीआर (CPR) का प्रयोगात्मक प्रशिक्षण और डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के आधुनिक तरीके रहे, जिसने विद्यार्थियों को न केवल जीवन रक्षक कौशल सिखाए बल्कि उन्हें साइबर अपराधों के प्रति भी सतर्क किया।


युद्ध से शांति तक: रेडक्रॉस की महत्ता

प्रशिक्षण के प्रथम सत्र का शुभारंभ करते हुए पूर्व निदेशक डॉ. जे.सी. दुर्गापाल ने रेडक्रॉस के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार यह संगठन अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर युद्ध और शांति, दोनों ही परिस्थितियों में मानवता की सेवा करता है।

डॉ. दुर्गापाल ने प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) की बारीकियों को साझा करते हुए बताया कि दुर्घटना के समय ‘गोल्डन ऑवर’ में घायल की जान बचाना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रयोगात्मक प्रदर्शन के माध्यम से समझाया कि किसी घायल को अस्पताल पहुँचाने से पहले किस तरह का प्राथमिक उपचार दिया जाना चाहिए।

साइबर सुरक्षा: डिजिटल युग की जरूरत

द्वितीय सत्र में भारतीय स्टेट बैंक से सेवानिवृत्त अनूप साह ने वर्तमान दौर की सबसे बड़ी चुनौती ‘डिजिटल सुरक्षा’ पर चर्चा की। उन्होंने डिजिटलीकरण के लाभ गिनाते हुए विद्यार्थियों को आगाह किया कि तकनीक जितनी सुलभ है, उतनी ही जोखिम भरी भी।

  • डिजिटल धोखाधड़ी: श्री साह ने ठगी के विभिन्न तरीकों (Phishing, OTP Fraud) के बारे में विस्तार से बताया।
  • बचाव और रिपोर्टिंग: उन्होंने जोर दिया कि यदि किसी के साथ धोखाधड़ी हो जाए, तो बिना डरे तत्काल इसकी रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को करनी चाहिए।

जीवन रक्षक ‘संजीवनी’ है सीपीआर (CPR)

अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण सत्र में जिला रेडक्रॉस के चेयरपर्सन आशीष वर्मा ने कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) की तकनीक सिखाई। उन्होंने डमी के माध्यम से प्रयोगात्मक रूप से दिखाया कि यदि किसी व्यक्ति की सांसें रुक जाएं या दिल काम करना बंद कर दे, तो उसे कैसे पुनर्जीवित किया जा सकता है।

इसके साथ ही उन्होंने:

  • नशा मुक्ति: युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए इससे दूर रहने का संकल्प दिलाया।
  • करियर गाइडेंस: प्रशिक्षार्थियों की विशेष मांग पर श्री वर्मा ने भारतीय सेना में भर्ती होने की प्रक्रियाओं, विभिन्न पदों और आवश्यक योग्यताओं पर विस्तृत चर्चा की।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कॉलेज प्रबंधन की ओर से मीनाक्षी पाठक, विद्यालय के प्रधानाचार्य, उप-प्रधानाचार्य सहित समस्त शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। रेडक्रॉस की ओर से अध्यक्ष आशीष वर्मा, डॉ. जे.सी. दुर्गापाल और अनूप साह ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए बच्चों का मार्गदर्शन किया।

“मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और ऐसे प्रशिक्षण शिविर युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाने में मील का पत्थर साबित होते हैं।”

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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