👉 महिला दिवस पर ‘साधारण महिलाएं, असाधारण अनुभव’ कार्यक्रम आयोजित
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी की महिला शाखा ने यहां होटल ‘मिलम’ के सभागार में प्रतिवर्ष की तरह ‘साधारण महिलाएं, असाधारण अनुभव’ कार्यक्रम आयोजित किया। जिसका उद्देश्य समाज में संघर्षरत और परिवर्तन की राह पर काम कर रही महिलाओं के जीवन अनुभवों को सामने लाना तथा उनसे समाज को सीखने का अवसर प्रदान करना था।

उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि घर-परिवार, समाज और सत्ता से संघर्ष करने वाली महिलाओं के अनुभवों को सुनना समाज में बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे कार्यक्रम महिलाओं की वास्तविक संघर्ष गाथाओं को सामने लाकर समाज को संवेदनशील और जागरूक बनाते हैं। इस वर्ष कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार एवं ‘रीजनल रिपोर्टर’ की संपादक गंगा असनौड़ा थपलियाल तथा महिला एकता मंच की सक्रिय नेत्री ललिता रावत (रामनगर) को सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में गंगा असनौड़ा थपलियाल ने कहा कि उन्हें अपने पिता, जो उत्तराखंड संघर्ष वाहिनी से जुड़े थे, से प्रेरणा और आत्मबल मिला। इसी आत्मबल के सहारे विपरीत परिस्थितियों में भी डटी रहीं और समाज के सहयोग से ‘रीजनल रिपोर्टर’ जैसे जनपक्षधर मंच को आगे बढ़ाने में सफल रहीं। उन्होंने कहा कि आज भी समाज पूरी तरह अपमानजनक दास्तां से मुक्त नहीं हो पाया है। उन्होंने संघर्षशील महिलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके जीवन में सबसे सशक्त महिला अंकिता की माँ जैसी संघर्षशील महिलाएं रही हैं, जो अन्याय के खिलाफ साहस के साथ खड़ी होती हैं।
उन्होंने सरस्वती देवी के संघर्ष का भी उल्लेख किया, जिन्होंने एक कंपनी द्वारा बचत के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी के खिलाफ 370 किलोमीटर की पदयात्रा कर संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष महिलाओं की ताकत और उनके सामूहिक साहस का उदाहरण है। सम्मानित अतिथि ललिता रावत ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे किसान-मजदूर परिवार से आती हैं और उनके पति होटल में कार्य करते थे। उन्होंने कहा कि उनका सबसे बड़ा सम्मान एक न्यायपूर्ण और समान सोच वाला समाज बनाना है।
कार्यक्रम का संचालन कृषि वैज्ञानिक ममता जोशी ने किया। अध्यक्ष मंडल में गंगा असनौड़ा, भारती, साक्षी, आनन्दी वर्मा, गोविन्द लाल वर्मा और चंद्रमणि भट्ट शामिल रहे। कार्यक्रम में आनन्दी वर्मा, किरण, रेनू, भारती, गोपाल, पान बोरा, डॉ. दानू, जगदीश चंद्र, लता कांडपाल, प्रकाश जोशी, ममता, नीलू रस्तोगी, प्रकाश (नैनी), मोहम्मद शाकिब, दिनेश उपाध्याय, गीता, कमला सिलाड़ी, राम सिंह खनी सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों और श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में चम्पा सुयाल और दीक्षा सुयाल सहित अनेक महिला कार्यकर्ताओं ने भी भागीदारी की। कार्यक्रम के अंत में महिलाओं के संघर्ष, अनुभवों और सामाजिक बदलाव की दिशा में उनकी भूमिका पर व्यापक संवाद हुआ तथा समाज में समानता और न्याय के लिए निरंतर संघर्ष की आवश्यकता पर बल दिया गया।


