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अल्मोड़ा: ‘ज्ञान का दिया जलाने चल पड़ा हैं काफिला…’

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👉 भारत ज्ञान विज्ञान समिति ने सरकार की आली में धूमधाम से मनाया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस
👉 समारोह में दो पुस्तकें ‘हमारा कारवां’ और ‘माटी का मोह’ का विमोचन

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: भारत ज्ञान विज्ञान समिति अल्मोड़ा के तत्वावधान में लोअर माल रोड अल्मोड़ा के करीब सरकार की आली के रामलीला मैदान में रविवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने महिलाओं के संघर्ष पर चर्चा करते हुए कहा आज महिलाएं परचम लहरा रही हैं। समारोह में दो पुस्तकों का विमोचन किया गया।

यह कार्यक्रम सरकार की आली की नागरिक शिक्षा केंद्र, समता समिति एवं ग्रामीण महिला जागृति संस्था के सहयोग से आयोजित हुआ। जिसमें करीब डेढ़ सौ महिलाएं शामिल हुईं। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद एसएसजे विवि अल्मोड़ा के ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. सोनू द्विवेदी को ग्राम प्रधान पारूल उप्रेती ने पिछौड़ा ओढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रेरक गीत ‘ज्ञान का दिया जलाने चल पड़ा हैं काफिला…’ के गायन से हुई। इसके बाद भारत ज्ञान विज्ञान समिति अल्मोड़ा द्वारा सरकार की आली की दिवंगत पूर्व ग्राम प्रधान स्वर्गीया राधा बंगारी को समर्पित ‘समता पत्रिका: हमारा कारवां’ पुस्तक का अतिथियों के हाथों विमोचन। इसके साथ ही स्व. राधा बंगारी के पति रतन सिंह बंगारी द्वारा लिखित कहानी संग्रह ‘माटी का मोह’ का भी विमोचन हुआ। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि माताओं के सामने आज अपने बच्चों को कुसंगति से बचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी हैं और माताओं को अपनी बच्चियों के पहनावे पर ध्यान देना चाहिए और बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए।

‘हमारा कारवां’ पत्रिका की संपादक विजया ढौंढियाल ने स्व. राधा बंगारी को याद करते हुए कहा कि राधा बंगारी एक बहुत ही कर्मठ, ईमानदार और समाज को समर्पित रहीं। उन्होंने महिलाओं को घर की देहरी छोड़कर बाहर निकलने के लिए प्रेरित किया। वहीं नीलम नेगी ने विश्व की महिलाओं के समर्पण को याद दिलाया। भगवती गुसाईं ने हमारी परंपरा को जागृत करते हुए महिलाओं से सार्वजनिक कार्यक्रमों में कुमाऊंनी पिछौड़ा पहनकर शामिल होने का आह्वान किया। चंद्रकला वर्मा ने कहा कि वर्तमान में यूपीएससी परीक्षा में महिलाओं ने परचम लहराया हैं, जो महिलाओं की प्रगति का द्योतक है। रतन सिंह बंगारी ने ‘ईज़ा’ पर स्वरचित कविता का वाचन किया। विमला तिवारी ने शकुनाखर गाकर माहौल को आनंदमय बनाया। सरस्वती आर्य ने सभी को महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए स्व. राधा बंगारी को याद किया जबकि चंद्रा बिष्ट ने स्व. राधा बंगारी को याद करते हुए कहा कि उन्हीं के प्रेरणा से आज वह सार्वजनिक मंचों पर अपनी बात रखने में सक्षम हैं। उन्होंने एक गीत भी सुनाया।

कार्यक्रम के अंत में राज्य उपाध्यक्ष प्रमोद तिवारी ने सभी का आभार प्रकट करते हुए महिलाओं के संघर्ष के इतिहास को सबके सामने रखा। संचालन समिति के प्रदेश सचिव नीरज पंत एवं आशा कार्यकत्री ममता तिवारी ने किया।
कार्यक्रम में भारत ज्ञान विज्ञान समिति अल्मोड़ा के जिलाध्यक्ष डॉ. विजया ढौंढियाल, प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रमोद तिवारी, जिला संरक्षक रतन सिंह बंगारी, सदस्य उदय किरौला, साहित्यकार महेंद्र ठाकुराठी, सेवानिवृत प्रधानाचार्य नीलम नेगी, ग्राम प्रधान पारुल उप्रेती, दिनेश चंद्र पांडेय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र पाल सिंह समेत चंद्रकला वर्मा, भगवती गुसाईं, नरेन्द्र बंगारी, राजेंद्र सिंह गैलाकोटी, सेवानिवृत प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र पाठक, रंगकर्मी ध्रुव टम्टा आदि मौजूद रहे।

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