HomeUttarakhandAlmoraअल्मोड़ा: 'विजय बटालियन' ने रक्तदान व स्वास्थ्य शिविर से मनाया महिला दिवस

अल्मोड़ा: ‘विजय बटालियन’ ने रक्तदान व स्वास्थ्य शिविर से मनाया महिला दिवस

CNE REPORTER, अल्मोड़ा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर भारतीय सेना की कांगो ब्रिगेड (19 सिख रेजिमेंट/विजय बटालियन) ने मानवता और सेवा की एक नई मिसाल पेश की है। अल्मोड़ा छावनी स्थित ऐतिहासिक गोरखा हॉल में रेजिमेंट द्वारा एक विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर एवं महिला स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें सैन्य अनुशासन और नागरिक सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला।

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कार्यक्रम का संचालन राजकीय मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा के प्राचार्य डॉ. चंद्र प्रकाश भैसोड़ा के कुशल निर्देशन एवं डॉ. अनिल पांडेय के प्रभावी मार्गदर्शन में किया गया। मेडिकल कॉलेज की ब्लड बैंक टीम ने सेना के अधिकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया।

रक्तदान और स्वास्थ्य परीक्षण के आंकड़े

शिविर में सैन्य कर्मियों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की:

  • रक्तदान: कुल 20 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जो आपातकालीन स्थिति में जीवन बचाने के काम आएगा।
  • महिला स्वास्थ्य: महिला दिवस को समर्पित इस आयोजन में 38 महिलाओं का नि:शुल्क हीमोग्लोबिन और ब्लड ग्रुप परीक्षण किया गया।
  • जागरूकता: स्वास्थ्य जांच के माध्यम से महिलाओं को शारीरिक स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूक किया गया।

‘रक्तदान ही जीवनदान’

कार्यक्रम के दौरान मेजर डॉ. निखिल बैंस ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए रक्तदान की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने भावुक होते हुए कहा:

“रक्तदान केवल एक चिकित्सीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और संवेदनशील समाज के निर्माण की नींव है। एक यूनिट रक्त किसी परिवार के चिराग को बुझने से बचा सकता है।”

उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं से अपील की कि वे समाज सेवा के इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

उत्कृष्ट योगदान देने वाले सभी स्वैच्छिक रक्तदाताओं को ब्लड बैंक की टीम द्वारा स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में विजय बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर ने सिविल प्रशासन और मेडिकल टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेना और नागरिक प्रशासन का यह समन्वय समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

महिला दिवस पर आयोजित इस शिविर ने न केवल ‘नारी शक्ति’ का वंदन किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि भारतीय सेना सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ राष्ट्र के आंतरिक स्वास्थ्य और सामाजिक सरोकारों के प्रति भी उतनी ही समर्पित है।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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