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आसमान में बिखरेगी कुदरत की लालिमा: आज दिखेगा दुर्लभ ‘ब्लड मून’

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नैनीताल से होगा सीधा प्रसारण

आज की शाम अपनी बालकनी या छत पर जाना न भूलें

CNE REPORTER, नैनीताल। अगर आप खगोल विज्ञान में रुचि रखते हैं, तो आज की शाम आपके लिए किसी उत्सव से कम नहीं होने वाली। मंगलवार की शाम आसमान में ‘ब्लड मून’ (Blood Moon) का एक ऐसा दुर्लभ और जादुई नजारा दिखने वाला है, जो सदियों से मानव सभ्यता को मंत्रमुग्ध करता आया है। उत्तराखंड की पहाड़ियों में स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) इस अद्भुत घटना का साक्षी बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।

📍 नैनीताल में कब और कैसे देखें?

नैनीताल के आसमान में शाम 6:15 बजे से आंशिक चंद्रग्रहण की शुरुआत होगी। एरीज संस्थान ने विज्ञान प्रेमियों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं:

  • प्रत्यक्ष अवलोकन: शाम 6 बजे से संस्थान परिसर में आम जनता के लिए टेलीस्कोप के जरिए चांद को देखने की व्यवस्था की गई है।
  • डिजिटल अनुभव: जो लोग नैनीताल नहीं पहुंच सकते, उनके लिए एरीज अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर इसका लाइव प्रसारण करेगा।
  • सुरक्षा: विशेषज्ञों का कहना है कि सूर्यग्रहण के विपरीत, चंद्रग्रहण को देखने के लिए किसी विशेष चश्मे की जरूरत नहीं है। आप इसे अपनी नग्न आंखों या साधारण दूरबीन से सुरक्षित रूप से देख सकते हैं।

🔴 आखिर ‘खूनी’ क्यों हो जाता है चंद्रमा?

वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो यह पृथ्वी के वायुमंडल का एक कमाल है। पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, तो वह सूर्य की सीधी रोशनी को रोक लेती है।

विज्ञान का जादू: पृथ्वी का वायुमंडल एक फिल्टर की तरह काम करता है। यह नीले और बैंगनी प्रकाश को बिखेर (Scatter) देता है, लेकिन लाल और नारंगी रंग की तरंगें (Wavelengths) वायुमंडल से मुड़कर चंद्रमा तक पहुंच जाती हैं। इसी ‘रेले स्कैटरिंग’ (Rayleigh Scattering) के कारण चांद सुर्ख लाल दिखाई देता है।


🧐 क्या आप जानते हैं? ‘ब्लड मून’ से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

इंटरनेट और खगोलीय इतिहास के झरोखों से इस घटना के बारे में कुछ ऐसी बातें जो आपको हैरान कर देंगी:

  1. प्रदूषण और रंग का गहरा नाता: क्या आप जानते हैं कि चांद कितना लाल दिखेगा, यह पृथ्वी के वातावरण पर निर्भर करता है? अगर हाल ही में कहीं बड़ा ज्वालामुखी फटा हो या हवा में धूल अधिक हो, तो राख के कणों के कारण चांद और भी गहरा, डरावना लाल दिखाई देता है।
  2. प्राचीन मान्यताएं: प्राचीन काल में कई सभ्यताएं ‘ब्लड मून’ को अशुभ मानती थीं। इंका सभ्यता के लोग सोचते थे कि एक जगुआर (Jaguar) चांद को खा रहा है, इसलिए वे शोर मचाते थे ताकि वह डर कर भाग जाए। वहीं, आज यह केवल एक सुंदर वैज्ञानिक घटना है।
  3. तापमान में भारी गिरावट: ग्रहण के दौरान चंद्रमा की सतह का तापमान अचानक गिर जाता है। जहां धूप वाले हिस्से में तापमान 127°C तक होता है, वहीं ग्रहण की छाया पड़ते ही यह गिरकर -173°C तक जा सकता है। इसे ‘थर्मल शॉक’ कहा जाता है।

🔭 क्या आप तैयार हैं?

आज की शाम अपनी बालकनी या छत पर जाना न भूलें। ब्रह्मांड का यह सिनेमा पूरी तरह मुफ्त है और इसकी यादें ताउम्र साथ रहती हैं।

📍 आज (3 मार्च 2026) ब्लड मून/चंद्र ग्रहण की दृश्यता — उत्तराखंड में

✔️ चंद्र ग्रहण की तारीख: 3 मार्च 2026
✔️ भारत में ग्रहण का समय: लगभग 3:20 PM से 6:47 PM IST तक जारी रहेगा।
✔️ चांद का निकला हुआ दृश्य (Moonrise): लगभग 6:26 PM IST के आसपास।
✔️ सर्वोच्च (Maximum) ग्रहण नज़ारा: लगभग 6:33 PM से 6:40 PM IST के बीच।

📌 उत्तराखंड में (जैसे देहरादून, नैनीताल या ऋषिकेश) चांद ध्रुवीकरण में पहले से ग्रहण के मध्य में होगा जब वह उगेगा, इसलिए पूरा ग्रहण नहीं दिखेगा, बल्कि आप सूर्यास्त के बाद पूर्वी आकाश में लालिमा लिए उठते हुए चंद्रमा का अंतिम लाल रंग का हिस्सा देख पाएंगे।


🌕 क्या आप इसे घर की छत से देख सकते हैं?

हाँ! बिल्कुल। बस ध्यान रखें:
👀 — शाम 6:25 बजे के बाद पूर्वी आकाश की ओर देखें।
🌇 — चांद उगने के साथ ही आप लालिमा लिए हुए चांद का पेहला नज़ारा देख पाएंगे, जो ग्रहण के अंतिम चरण का हिस्सा होगा।
🔭 — कोई खास चश्मा या सुरक्षा उपकरण नहीं चाहिए, आप नग्न आंखों से इसे सुरक्षित रूप से देख सकते हैं।

📷 — बिनोक्युलर या टेलीस्कोप से देखने पर चांद का लाल रंग और ग्रहण का प्रभाव और भी शानदार दिखेगा।


🌙 एक छोटा सा सुझाव

  • शाम 6:20–6:40 बजे के बीच अपना मोबाइल या कैमरा सेट करें, पूर्वी दिशा की ओर।
  • अगर आसमान साफ है, तो ग्रहण का अंतिम ‘रक्तिम’ रूप देखकर यह क्षण यादगार बन सकता है
  • उत्तराखंड में कहीं खुला क्षेत्र या छत सबसे अच्छा रहेगा ताकि पेड़ों/दीवारों से बाधा न हो।

नैनीताल स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIES) के आधिकारिक यूट्यूब चैनल का लिंक नीचे दिया गया है, जहाँ आप आज शाम ‘ब्लड मून’ और चंद्रग्रहण का सीधा प्रसारण देख सकते हैं:

▶️ ARIES Nainital Official YouTube Channel: https://www.youtube.com/@AriesNainitalUttarakhand

लाइव स्ट्रीम देखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें:

  • समय: प्रसारण शाम 6:00 बजे के आसपास शुरू होने की उम्मीद है, जबकि ग्रहण का नजारा 6:15 बजे से स्पष्ट होगा।
  • लाइव लिंक: आप चैनल के ‘Live’ टैब पर जाकर सीधे चल रहे प्रसारण (Live Stream) पर क्लिक कर सकते हैं।
  • इंटरएक्टिव सत्र: अक्सर लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान एरीज के वैज्ञानिक इस घटना के पीछे के विज्ञान को भी समझाते हैं, जिससे यह और भी रोचक हो जाता है।

यदि आप नैनीताल में ही हैं, तो आप स्वयं मनोरा पीक स्थित संस्थान परिसर में जाकर टेलिस्कोप के माध्यम से भी इसे देख सकते हैं। बस अपनी आंखों को तैयार रखें, क्योंकि ‘ब्लड मून’ का यह गहरा लाल रंग वास्तव में देखने लायक होता है!

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