दूध और दाल के सैंपल भरे
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर: होली के त्योहार पर मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। अभियान के दूसरे दिन विभाग की टीम ने बागेश्वर नगर क्षेत्र के खाद्य प्रतिष्ठानों और बड़े मॉलों का सघन निरीक्षण किया।
इस कार्रवाई की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बाहरी जनपदों से आने वाली खाद्य सामग्री रही; टीम ने विशेष रूप से उन डिस्ट्रिब्यूटरों और सप्लायरों की जांच की, जो बाहर से माल मंगाकर स्थानीय बाजार में सप्लाई करते हैं। संदेह के आधार पर दूध और दाल के चार नमूने भरकर जांच के लिए रुद्रपुर लैब भेजे गए हैं।
बाहरी जनपदों से आने वाले माल पर विशेष नजर
खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना मिली थी कि त्योहारों के दौरान बाहरी जिलों से भारी मात्रा में खाद्य सामग्री स्थानीय विक्रेताओं को सप्लाई की जा रही है। इसी को देखते हुए टीम ने सप्लायरों के गोदामों और प्रतिष्ठानों को खंगाला। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बागेश्वर की जनता तक पहुंचने वाला हर उत्पाद शुद्ध हो।
व्यापारियों को सख्त निर्देश: ‘पक्का बिल नहीं तो खैर नहीं’
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने सभी कारोबारियों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए:
- अनिवार्य बिलिंग: खाद्य सामग्री केवल पक्के बिल या वैध परिवहन प्रपत्र के साथ ही मंगाई जाए।
- रिकॉर्ड मेंटेनेंस: एक्सपायर्ड (समय सीमा समाप्त) या वापसी योग्य सामग्री के लिए एक अलग रिकॉर्ड रजिस्टर बनाना अनिवार्य होगा।
- स्वच्छता मानक: भंडारण और बिक्री के दौरान स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा।
अभियान के दौरान टीम ने गुणवत्ता में कमी के संदेह पर दूध के दो नमूने और दालों के दो नमूने लिए। इन नमूनों को ‘खाद्य एवं औषधि विश्लेषक प्रयोगशाला, रुद्रपुर’ भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि होली पर्व तक जनपद के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में यह चेकिंग अभियान निरंतर जारी रहेगा। किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण टीम में शामिल सदस्य: इस टीम में मुख्य रूप से खाद्य सुरक्षा अधिकारी विपिन कुमार एवं भूपेंद्र सिंह समेत अन्य विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।

