सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र अंतर्गत लखमारा के जंगलों में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को लखमारा के जंगल में चरने गई चार बकरियों को गुलदार ने अपना निवाला बना लिया, जिससे क्षेत्र के पशुपालकों में भारी रोष और भय का माहौल है। चलकाना गांव के ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल मुआवजे और गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है।
दोपहर के समय हुआ हमला
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम चलकाना निवासी शंकर सिंह पुत्र खीम सिंह की बकरियां गुरुवार दोपहर लगभग तीन बजे लखमारा गांव के समीपवर्ती जंगल में चरने गई थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने बकरियों के झुंड पर हमला बोल दिया। इस हमले में चार बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में जंगल की ओर रवाना हुए और बकरियों की तलाश शुरू की। देर शाम तक ग्रामीण घटनास्थल के आसपास सर्च अभियान में जुटे रहे।
ग्रामीणों ने मामले की सूचना तुरंत वन विभाग को दी, जिसके बाद विभागीय टीम मौके के लिए रवाना हो गई। उप प्रभागीय वनाधिकारी तनुजा परिहार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वन विभाग द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि धीरज गढ़िया, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि करम सिंह मेहता सहित अन्य ग्रामीणों ने पीड़ित पशुपालक को शीघ्र मुआवजा प्रदान करने की मांग की है। साथ ही क्षेत्र में बढ़ते गुलदार के आतंक को देखते हुए पिंजरा लगाने और नियमित गश्त बढ़ाने की भी मांग उठाई गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं, जिससे न केवल पशुधन बल्कि ग्रामीणों की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने वन विभाग से जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और लोगों को राहत मिल सके।

