हद वनाग्नि मॉक ड्रिल कार्यक्रम
CNE REPORTER, नैनीताल: वनाग्नि काल 2026 की चुनौतियों को देखते हुए भूमि संरक्षण वन प्रभाग, नैनीताल ने बुधवार को चौगढ़ राजी मुख्यालय, बल्दियाखान में एक वृहद वनाग्नि मॉक ड्रिल कार्यक्रम आयोजित किया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य जंगलों को आग से बचाने के लिए रिस्पांस टाइम कम करना और आधुनिक तकनीकों जैसे जीपीएस (GPS) के माध्यम से सटीक लोकेशन ट्रैक कर आग पर काबू पाने का पूर्वाभ्यास करना था।
आधुनिक तकनीक और जीपीएस का प्रयोग
कार्यक्रम के दौरान वन विभाग की टीम ने कृत्रिम अग्नि दुर्घटना का दृश्य तैयार किया। इसमें सबसे महत्वपूर्ण पहलू जीपीएस बिंदु (GPS Points) लेना रहा। अधिकारियों ने बताया कि आग लगने की स्थिति में सटीक लोकेशन मिलने से संसाधनों का सही दिशा में उपयोग किया जा सकता है। वनाग्नि को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न उपकरणों और वैज्ञानिक तरीकों का प्रदर्शन भी किया गया।

जागरूकता और सामूहिक शपथ
इस विशेष कार्यक्रम का संचालन वन रेंजर नीतीश तिवाड़ी द्वारा किया गया। उन्होंने उपस्थित सभी कर्मचारियों और ग्रामीणों को वनाग्नि रोकने के लिए विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में समस्त प्रतिभागियों को जंगलों को आग से सुरक्षित रखने की सामूहिक शपथ दिलाई गई।
पांच रेंजों के अधिकारियों ने लिया हिस्सा
नैनीताल भूमि संरक्षण वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाली सभी प्रमुख रेंजों में इन दिनों प्रशिक्षण अभियान चल रहा है। बल्दियाखान में आयोजित इस मॉक ड्रिल में निम्नलिखित रेंजों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया:
- चौगढ़ रेंज
- ओखलकांडा रेंज
- रामगढ़ रेंज
- मुक्तेश्वर रेंज
- बेतालघाट रेंज
कार्यक्रम में वन रेंजर प्रमोद बिष्ट, मनोज जोशी, सतीश रिखाडी, वन दरोगा गिरधर नेगी और शेखर जोशी सहित प्रभाग के अनेक वन कर्मचारी उपस्थित रहे। इनके अलावा स्थानीय वन पंचायत सरपंच कमलेश जीना, विभिन्न क्षेत्रों के फायर वाचर और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी इस प्रशिक्षण में भाग लिया।

