सीएनई रिपोर्टर, सुयालबाड़ी। सरस्वती शिशु मंदिर, सुयालबाड़ी का प्रांगण उस वक्त सनातन चेतना, हिंदू स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के उद्घोष से गूंज उठा, जब यहां विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन किया गया। सैकड़ों की संख्या में जुटे ग्रामीणों, मातृशक्ति और युवाओं ने एक स्वर में हिंदू एकता, संगठन और जागरण का संकल्प लिया। पूरा वातावरण “जय श्रीराम” के नारों से गुंजायमान हो गया और सम्मेलन एक जनआंदोलन का रूप लेता नजर आया।
सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि विधायक सरिता आर्या की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ भाजपा एवं सामाजिक संगठनों के कई प्रमुख पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मंच पर मौजूद रहे। इनमें रमेश सुयाल, मदन सुयाल, चंद्रशेखर चुपडाल, ज्येष्ठ प्रमुख रामगढ़ रणजीत जीना, ब्लॉक प्रमुख रामगढ़ दीपक कुमार, ग्राम प्रधान सिरसा भुवन चंद्र, घनश्याम सुयाल, सांसद प्रतिनिधि मदन मोहन कैड़ा, महिला मोर्चा अध्यक्ष निर्मला जीना, मंडल अध्यक्ष गरमपानी भाजपा नीरज बिष्ट, ग्राम प्रधान दान सिंह नेगी समेत अनेक गणमान्य लोग शामिल रहे।

हिंदू समाज अब जाग चुका है – सरिता आर्या
अपने जोशीले और ओजस्वी संबोधन में विधायक सरिता आर्या ने कहा कि अब समय आ गया है कि हिंदू समाज अपनी शक्ति को पहचाने और एकजुट होकर आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि आज सनातन धर्म और हिंदुत्व पर सुनियोजित तरीके से चारों ओर से हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने चेताया कि जब तक हिंदू समाज संगठित नहीं होगा, तब तक यह षड्यंत्र चलता रहेगा।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब हिंदू समाज बिखरा, तब-तब उसे अपमान, उत्पीड़न और अत्याचार झेलने पड़े। अब हिंदुओं को जाति, क्षेत्र और वर्ग से ऊपर उठकर एक मंच पर आना होगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे हिंदुत्व की रक्षा और राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएं।
वक्ताओं ने फूंका जोश, सम्मेलन बना चेतना का महाकुंभ
सांसद प्रतिनिधि मदन मोहन कैड़ा, रमेश सुयाल, महिला मोर्चा अध्यक्ष निर्मला जीना और मंडल अध्यक्ष नीरज बिष्ट ने भी मंच से हिंदू समाज की एकता, सनातन संस्कृति की रक्षा और सामाजिक जागरण पर प्रभावशाली विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि यह सम्मेलन केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि हिंदू चेतना का नवसंकल्प है, जो आने वाले समय में एक व्यापक जनआंदोलन का रूप लेगा।
जय श्रीराम के नारों से थर्राया क्षेत्र
सम्मेलन के दौरान पूरा परिसर जय श्रीराम, भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से गूंज उठा। वातावरण पूरी तरह भक्तिमय, ऊर्जावान और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत दिखाई दिया। ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और लोगों ने ऐसे आयोजनों को समय की जरूरत बताया।

