उग्र आंदोलन की चेतावनी
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। मानदेय में वृद्धि और सेवानिवृत्ति लाभों समेत अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कर्मचारी संगठन ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को संगठन से जुड़े सदस्यों ने अल्मोड़ा नगर में जोरदार विरोध जुलूस निकाला और प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री को ज्ञापन भेजकर जल्द समाधान की मांग की है।
सोमवार को आंगनबाड़ी कर्मचारी संगठन के बैनर तले विभिन्न ब्लॉकों से आईं कार्यकर्ता मालरोड स्थित गांधी पार्क में एकत्रित हुईं। यहाँ एक सभा आयोजित करने के बाद कार्यकर्ताओं ने मुख्य बाजार और मालरोड पर जुलूस निकाला। प्रदर्शन के दौरान सरकार विरोधी नारों से शहर गूंज उठा। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रही हैं, लेकिन शासन और प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन मिल रहा है। मांगों की अनदेखी से प्रदेश भर की कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।
प्रमुख मांगें जिन पर अड़ा है संगठन
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर स्पष्ट किया कि जब तक उनकी बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगी। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
- मानदेय में वृद्धि: कार्यकर्ताओं ने न्यूनतम मानदेय 18,000 रुपये करने की मांग की है।
- सेवानिवृत्ति लाभ: रिटायरमेंट पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त धनराशि दी जाए।
- आयु सीमा: सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष की जाए।
- दैनिक भत्ता: राज्य सरकार की ओर से 140 रुपये और केंद्र सरकार की ओर से 150 रुपये प्रतिदिन का प्रस्ताव पारित हो।
- तकनीकी छूट: समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बायोमेट्रिक मशीन की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए।
“यदि शासन ने जल्द ही हमारी मांगों का निराकरण नहीं किया, तो समस्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।” — संगठन प्रतिनिधि
प्रदर्शन में ये कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस मौके पर जिलाध्यक्ष रजनी बगड़वाल, लीला पांडे, तनुजा बिष्ट, माया जोशी, मनोरमा बनौला, दया टम्टा, राधा आर्या, कमला कार्की, कमला बोरा, कविता जोशी ब्लॉक, हेमा डालाकोटी, जानकी देवी, दीपा बनौला, बिना उप्रेती, उमा बनौला, सुनीता देवी, संगीता जोशी, निर्मला भट्ट समेत कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

