सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर: जिले के शामा क्षेत्र में शराब के बढ़ते प्रचलन और इससे बिगड़ते सामाजिक माहौल के खिलाफ महिलाओं का आक्रोश फूट पड़ा है।
जिला पंचायत सदस्य विजया कोरंगा के नेतृत्व में दर्जनों गांवों की महिलाओं ने शामा मुख्यालय स्थित शराब की दुकान पर धावा बोला और वहां तालाबंदी कर दी। महिलाओं ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि दुकान को जल्द नहीं हटाया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा।

विशाल रैली और जोरदार नारेबाजी
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत रातिर-केठी, मलखा-डुंगरचा, कीमू और गोगिना गांवों की सैकड़ों महिलाएं शामा मुख्यालय में एकत्रित हुईं। हाथों में ‘नशा नहीं रोजगार दो’ और ‘शराब की दुकान हटाओ’ जैसी तख्तियां लेकर महिलाओं ने विशाल रैली निकाली। प्रदर्शनकारी महिलाओं के नारों से पूरा मुख्यालय गूंज उठा।
सामाजिक व्यवस्था के लिए लिया कड़ा निर्णय
ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि शराब की दुकान के कारण क्षेत्र का माहौल पूरी तरह दूषित हो चुका है। युवाओं में बढ़ती नशे की लत और जुए की प्रवृत्तियों पर अंकुश लगाने के लिए ग्रामीणों ने सामाजिक स्तर पर सख्त फैसले लिए हैं:
- सार्वजनिक जुर्माना: सार्वजनिक कार्यक्रमों में शराब परोसने या दुकानों में अवैध बिक्री करने पर 25,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
- जुए पर पाबंदी: क्षेत्र में जुआ खेलने और पिलाने वाली गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्णय लिया गया है।
“युवाओं का भविष्य हो रहा बर्बाद”
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही जिला पंचायत सदस्य विजया कोरंगा ने कहा, “क्षेत्र की महिलाओं की मांग पूरी तरह जायज है। शराब के कारण घर के घर बर्बाद हो रहे हैं और युवा पीढ़ी गलत रास्ते पर जा रही है। प्रशासन को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए तुरंत इस दुकान को यहां से हटाना चाहिए।”
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से जिला पंचायत सदस्य विजया कोरंगा, क्षेत्र पंचायत सदस्य पुष्पा देवी, गोगिना के ग्राम प्रधान संजय कुमार, कीमू के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि उत्तम सिंह दानू सहित रातिर-केठी, मलखा-डुंगरचा, कीमू और गोगिना गांवों के महिला मंगल दलों की पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।

