सीएनई रिपोर्टर, रामगढ़ (नैनीताल) : नैनीताल के रामगढ़ रेंज स्थित सलड़ी वन पंचायत में शनिवार को ‘प्रभाग दिवस’ के अवसर पर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन हुआ। भूमि संरक्षण वन प्रभाग नैनीताल के अधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच हुए इस संवाद का मुख्य केंद्र आगामी गर्मी के मौसम में वनों को आग से बचाना और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना रहा।

वनाग्नि सुरक्षा: जनसहभागिता ही एकमात्र कवच
बैठक का नेतृत्व कर रहे प्रभागीय वनाधिकारी हेम चन्द्र गहतोड़ी ने वनाग्नि से होने वाले पारिस्थितिक और आर्थिक नुकसान पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जंगलों को धधकने से रोकने के लिए केवल सरकारी तंत्र काफी नहीं है, बल्कि ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। अग्नि काल के दौरान वन विभाग ने स्थानीय जनता से सजग रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहयोग करने की अपील की।
संवाद और सुझाव
बैठक में वन क्षेत्राधिकारी नीतिश तिवारी के साथ-साथ सलड़ी के सरपंच दीप चन्द बेलवाल, सचिव मनीष पाण्डे, खरोला पाण्डे के ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं पर नियंत्रण के उपाय साझा किए, जिस पर ग्रामीणों ने भी अपने व्यावहारिक सुझाव दिए।
बैठक के मुख्य बिंदु:
- सुरक्षा का आश्वासन: ग्रामीणों ने वनाग्नि रोकने के प्रयासों में विभाग को पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
- जागरूकता अभियान: जंगलों के करीब रहने वाले परिवारों को आग के खतरों के प्रति आगाह किया गया।
- रणनीति: वनों के संरक्षण और जंगली जानवरों के साथ टकराव कम करने के लिए आपसी तालमेल पर जोर दिया गया।
इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने यह संकेत दिया कि प्राकृतिक संपदा को बचाने के लिए अब समुदाय और प्रशासन कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार हैं।

