अल्मोड़ा/गोपाल नाथ गोस्वामी। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। धर्म जागरण समन्वय संभाग, अल्मोड़ा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा एवं भारतीय ज्ञान प्रणाली’ पुस्तक का विमोचन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरांत मंचासीन अतिथियों का पारंपरिक रूप से फूलों के बुग्गौ भेंट कर एवं शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया गया। समारोह में राष्ट्रीय भावना और भारतीय सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला।

पुस्तक का विमोचन मुख्य अतिथि जिलाधिकारी के प्रतिनिधि उपजिलाधिकारी संजय कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों में सीओ डी.जी. जोशी, प्रांत प्रमुख धर्म जागरण नारायण जी, नगर निगम आयुक्त सुश्री सीमा विश्वकर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष महेश नयाल, विभाग प्रचारक कमल जी, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष रवि रौतेला सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर निगम महापौर अजय वर्मा ने की। प्रमुख वक्ताओं में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष प्रकाश जोशी एवं दिव्यांग बच्चों की प्रेरणास्रोत एवं मसीहा मनोरमा जोशी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
यह पुस्तक अरविंद चंद जोशी (निवासी ग्राम रैलाकोट, अल्मोड़ा) द्वारा अपनी सुपुत्री मीनाक्षी जोशी पाठक (एमपीटी न्यूरो)—पूर्व राष्ट्रीय पदक विजेता—की स्मृति में समर्पित की गई है। पुस्तक का संयुक्त रूप से लेखन प्रोफेसर आराधना शुक्ला (पूर्व संकायाध्यक्ष, कला संकाय एवं अध्यक्ष, मनोविज्ञान विभाग, कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल/अल्मोड़ा) तथा रुचि तिवारी द्वारा किया गया है।
इस अवसर पर प्रोफेसर आराधना शुक्ला ने पुस्तक की विषयवस्तु पर प्रकाश डालते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व को सरल एवं सारगर्भित शब्दों में समझाया तथा वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर सभी को शुभकामनाएं दीं।
मुख्य वक्ता पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष प्रकाश जोशी ने अपने उद्बोधन में भारतीय ज्ञान प्रणाली, सनातन परंपरा, मोक्ष-मुक्ति की अवधारणा तथा चार वेदों, अठारह पुराणों एवं अन्य शास्त्रों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक नई पीढ़ी को भारत के गौरवशाली सनातन इतिहास और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।
दिव्यांग बच्चों की मसीहा मनोरमा जोशी ने भावपूर्ण शब्दों में बच्चों में नैतिक शिक्षा, संस्कार एवं संवेदनशीलता के महत्व पर विशेष बल दिया, जिससे उपस्थित जनसमूह भावुक हो उठा।
कार्यक्रम के अंत में नगर निगम महापौर अजय वर्मा ने सभी अतिथियों, आयोजकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए धर्म जागरण समन्वय अल्मोड़ा की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन नवजोत जोशी द्वारा किया गया।

