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बदहाल पुलिया, अधूरी सड़क: जि.पं. सदस्य शैलजा ने PWD अल्मोड़ा को घेरा

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आजादी के दशकों बाद भी डोली पर जिंदगी, ग्रामीणों ने मांगा अपना हक

CNE REPORTER, अल्मोड़ा। जनपद के सल्लाभाटकोट क्षेत्र में विकास की धीमी रफ्तार और बदहाल कनेक्टिविटी को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब गहराने लगा है। जिला पंचायत सदस्य सल्लाभाटकोट, शैलजा चम्याल ने क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को लेकर अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), अल्मोड़ा को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने वर्षों से लंबित कनारीछीना-बिनूक-पतलचौरा मोटर मार्ग के निर्माण और क्षेत्र की जर्जर पुलियाओं की मरम्मत की पुरजोर मांग की है।

ज्ञापन सौंपते हुए शैलजा चम्याल ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि कनारीछीना-बिनूक-पतलचौरा मोटर मार्ग को लगभग 5-6 वर्ष पूर्व वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। कई बार सर्वे और मिट्टी की जांच भी हो चुकी है, लेकिन धरातल पर आज तक एक इंच भी काम शुरू नहीं हो सका है।

इस सड़क के निर्माण से तत्ली कनारीछीना, रीम, पीपलखेत, बिनूग, चिमचूवा, पतलचौरा और ड्यूख्यत जैसे दर्जनों गांवों की किस्मत बदल सकती है। सदस्य ने जोर देकर कहा कि इस क्षेत्र में अनुसूचित जाति के परिवारों की बड़ी संख्या है, और सड़क न होना उनके मौलिक अधिकारों का भी हनन है।

डोली के सहारे जिंदगी: बीमारों और गर्भवती महिलाओं पर संकट

सड़क न होने का सबसे बुरा प्रभाव स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा पर पड़ रहा है। जिपं सदस्य ने क्षेत्र की मार्मिक स्थिति बयां करते हुए कहा:

  • इलाज के अभाव में मौत: सड़क न होने के कारण बीमारों को अस्पताल ले जाने के लिए ‘डोली’ ही एकमात्र सहारा है। कई बार समय पर अस्पताल न पहुँच पाने के कारण मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।
  • पलायन और डर: कनेक्टिविटी न होने से लोग गांव छोड़ने को मजबूर हैं। वहीं, जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक के कारण ग्रामीण पैदल रास्तों पर चलने से थर-थर कांपते हैं।
  • स्कूली बच्चों की पीड़ा: खराब रास्तों के कारण बुजुर्गों और बच्चों को प्रतिदिन भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

जर्जर पुलियाओं से मंडरा रहा खतरा

सड़क के साथ-साथ शैलजा चम्याल ने क्षेत्र की पुलियाओं की दयनीय स्थिति पर भी विभाग का ध्यान खींचा। उन्होंने बताया कि:

  1. तत्ली कनारीछिना, खुडीयारी, जुड़ा, कुंखेत और मंगलता में पुलियाएं असुरक्षित हो चुकी हैं।
  2. कहीं सुरक्षा रेलिंग गायब है, तो कहीं बोल्ट ढीले हो चुके हैं।
  3. पुलियाओं का रंग-रोगन उड़ चुका है और वे किसी भी बड़े हादसे को दावत दे रही हैं।

उन्होंने मांग की है कि पुरानी पुलियाओं की मरम्मत के साथ-साथ आवश्यकतानुसार नई पुलियाओं का निर्माण भी तत्काल शुरू किया जाए।

आंदोलन की चेतावनी

जिला पंचायत सदस्य ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि विभाग ने जल्द ही सड़क निर्माण की बाधाओं को दूर कर कार्य शुरू नहीं किया और पुलियाओं की स्थिति नहीं सुधारी, तो क्षेत्र की जनता को साथ लेकर उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने अधिशासी अभियंता से जनहित में यथाशीघ्र कार्रवाई की मांग की है।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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