प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से मचा हड़कंप
CNE REPORTER, देहरादून : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में जिला प्रशासन ने शस्त्र धारकों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गृह मंत्रालय, भारत सरकार के नए नियमों की अनदेखी करने वाले 827 शस्त्र धारकों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। इस खबर के बाद से ही शहर के ‘हथियार प्रेमियों’ और रसूखदारों में हड़कंप मचा हुआ है।

दो से अधिक हथियार रखने वालों पर गिरी गाज
आयुध (संशोधन) नियम-2019 के तहत अब कोई भी व्यक्ति अधिकतम 02 शस्त्र ही रख सकता है। प्रशासन ने 54 ऐसे लाइसेंस धारकों को चिह्नित किया था, जिन्होंने नोटिस के बावजूद अपने अतिरिक्त शस्त्र जमा नहीं किए। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद, इन सभी 54 शस्त्र धारकों के अतिरिक्त शस्त्र और संबंधित लाइसेंस निरस्त कर पोर्टल से डिलीट कर दिए गए हैं।
UIN जनरेट न कराने वाले 773 लाइसेंस भी रद्द
प्रशासन का दूसरा बड़ा प्रहार उन 773 शस्त्र धारकों पर हुआ है, जिन्होंने बार-बार चेतावनी के बाद भी NDAL-ALIS पोर्टल पर अपना यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (UIN) जनरेट नहीं करवाया था। शासनादेश के अनुसार, बिना UIN वाले सभी लाइसेंस अब अवैध घोषित कर पोर्टल से विलोपित कर दिए गए हैं। अब इन धारकों को नए सिरे से ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
मुख्य बिंदु:
- कुल निरस्त लाइसेंस: 827
- नियम: एक व्यक्ति अधिकतम केवल 2 शस्त्र रख सकता है।
- अपवाद: शूटिंग खेल प्रतियोगिताओं वाले लाइसेंस धारकों को फिलहाल छूट दी गई है।
- अगला कदम: जिन 773 लोगों के लाइसेंस UIN न होने के कारण रद्द हुए हैं, उन्हें आयुध नियम 2016 के तहत नवीन आवेदन करना होगा।
जिला प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा मानकों और सरकारी नियमों में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

