HomeBreaking Newsउत्तराखंड : स्कूल से बच्चे को घसीट ले गया भालू, जबरदस्त दहशत

उत्तराखंड : स्कूल से बच्चे को घसीट ले गया भालू, जबरदस्त दहशत

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चमोली (उत्तराखंड): चमोली जिले में भालुओं का आतंक अब जानलेवा स्तर पर पहुंच गया है। पोखरी विकासखंड के हरिशंकर जूनियर हाईस्कूल में दो भालू परिसर के भीतर घुस आए और एक छात्र को घसीटकर झाड़ियों में ले गए, जिसे शिक्षकों और सहपाठियों ने अदम्य साहस दिखाते हुए मौत के मुंह से बाहर निकाला। जिले के ही नारायणबगड़ में भी एक युवक भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।


चमोली के पोखरी स्थित हरिशंकर जूनियर हाईस्कूल में आज उस वक्त अफरातफरी मच गई जब दो भालू अचानक स्कूल परिसर में दाखिल हो गए। हमले की आशंका को देखते हुए बच्चों ने कक्षाओं के दरवाजे बंद कर लिए, लेकिन भालू एक छात्र को अपने पंजों से जकड़ने में कामयाब रहे और उसे घसीटते हुए पास की झाड़ियों की ओर ले जाने लगे।

छात्र की चीख सुनकर स्कूल के ही दो छात्रों, एक छात्रा और शिक्षक ने हिम्मत दिखाई। सभी ने शोर मचाते हुए भालुओं का पीछा किया। सामूहिक शोर से घबराकर भालू छात्र को लहूलुहान हालत में छोड़कर जंगल की ओर भाग गए। घायल छात्र को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

48 घंटे में दूसरी घटना, वन विभाग की सुस्ती पर फूटा गुस्सा

हैरानी की बात यह है कि इसी स्कूल के छात्र देवेश पर दो दिन पहले भी हमला हुआ था, जिसमें उसके साथी पंकेश ने पत्थर मारकर उसकी जान बचाई थी। बार-बार हो रही घटनाओं के बावजूद वन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर अभिभावकों में भारी रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने केवल गश्त बढ़ाने का खोखला दावा किया, जिसका नतीजा आज फिर देखने को मिला।


नारायणबगड़ में भी भालू का हमला, युवक हायर सेंटर रेफर

भालू के हमले की दूसरी घटना नारायणबगड़ के मरोड़ा गांव में सामने आई। यहाँ 40 वर्षीय जसपाल सिंह अपनी गौशाला से दूध लेकर लौट रहे थे, तभी झाड़ियों में छिपे भालू ने उन पर झपट्टा मार दिया। ग्रामीणों के मौके पर पहुंचने के कारण जसपाल की जान तो बच गई, लेकिन उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।

ग्रामीणों की मांग: सुरक्षा के हों पुख्ता इंतजाम

लगातार बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आबादी वाले क्षेत्रों और स्कूलों के पास भालुओं की निगरानी नहीं बढ़ाई गई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। वर्तमान में स्थिति यह है कि लोग सुबह-शाम अपने घरों से बाहर निकलने में भी कतरा रहे हैं।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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