HomeUttarakhandAlmoraमानवाधिकार दिवस पर अल्मोड़ा में वन पंचायतों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन

मानवाधिकार दिवस पर अल्मोड़ा में वन पंचायतों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन

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शासन-प्रशासन के खिलाफ जताया रोष

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर वन पंचायत संगठन ताकुला ने अल्मोड़ा के ईनाकोट में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। बैठक का मुख्य केंद्र वन पंचायतों की बदहाल स्थिति और उनके सामने खड़ी गंभीर चुनौतियां रहीं। सदस्यों ने इन समस्याओं के समाधान में शासन और प्रशासन की उपेक्षा के विरुद्ध खुलकर प्रदर्शन किया और उनके खिलाफ अपना कड़ा रोष व्यक्त किया।


प्रमुख समस्याएँ और माँगे

इस बैठक में वक्ताओं ने वन पंचायतों के सशक्तिकरण और उनकी स्वायत्तता को बहाल करने के लिए कई अहम और मूलभूत माँगे उठाईं। ये माँगे वन पंचायतों के सुचारु संचालन और स्थानीय समुदायों के अधिकारों से संबंधित हैं:

  • नियमित बजट का प्रावधान: वन पंचायतों को उनके विकास कार्यों के लिए नियमित रूप से बजट उपलब्ध कराया जाए।
  • विकास कार्यों में भागीदारी: वन पंचायत के क्षेत्राधिकार के भीतर किए जाने वाले सभी विकास कार्य उन्हीं के माध्यम से कराए जाएँ ताकि पारदर्शिता और स्थानीय आवश्यकताओं का ध्यान रखा जा सके।
  • मानदेय और बीमा: वन पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानजनक मानदेय प्रदान किया जाए और उनका बीमा कराया जाए, जो उनके कार्यों को मान्यता देगा।
  • लीसा रॉयल्टी का भुगतान: लीसा रॉयल्टी (Rosin Royalty) का बकाया पैसा तत्काल उनके खातों में हस्तांतरित किया जाए।
  • वैधानिक सशक्तिकरण: वन पंचायतों के सशक्तिकरण के लिए वन पंचायत अधिनियम बनाया जाए।
  • अनावश्यक हस्तक्षेप पर रोक: वन विभाग द्वारा वन पंचायतों के कार्यों में किए जाने वाले अनावश्यक हस्तक्षेप को तत्काल बंद किया जाए।
  • चुनाव और विस्तार: वन पंचायतों के चुनाव कराए जाएँ और उनके क्षेत्रफल का विस्तार किया जाए।
  • माइक्रो प्लान सरलीकरण: माइक्रो प्लान बनाने की जटिल प्रक्रियाओं को सरल किया जाए।

सरपंचों के प्रतिनिधित्व पर नाराजगी

बैठक में उपस्थित लोगों ने राज्य स्तरीय परामर्श दात्री समिति से सरपंचों के प्रतिनिधित्व को समाप्त किए जाने के निर्णय पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की। उनका मानना है कि यह कदम स्थानीय स्वशासन और जनता की सीधी आवाज को कमजोर करता है।

अगली रणनीति

संगठन ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि शीघ्र ही वन पंचायत की इन सभी समस्याओं को लेकर एक शिष्टमंडल प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) और जिला प्रशासन से मुलाकात करेगा। यह मुलाकात वन पंचायतों की माँगे और उनके समाधान की दिशा में दबाव बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगी।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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