HomeUttarakhandAlmoraअल्मोड़ा: सिंचाई पाइप लाइन ध्वस्त होने से सैकड़ों किसान परेशान

अल्मोड़ा: सिंचाई पाइप लाइन ध्वस्त होने से सैकड़ों किसान परेशान

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जिला पंचायत सदस्य शैलजा चम्याल ने DM को सौंपा ज्ञापन

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। जिला पंचायत सदस्य सल्लाभाटकोट, शैलजा चम्याल ने क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की गंभीर सिंचाई समस्या को लेकर जिलाधिकारी अल्मोड़ा को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है।

दरअसल, लिगुड़ता मंगलता सिंचाई पाइप लाइन पिछले कई वर्षों से जगह-जगह ध्वस्त पड़ी है, और हाल ही में हुई देवीय आपदा ने इसे और बुरी तरह तोड़ दिया है। परिणामस्वरूप, लगभग 8 से 10 गांवों के किसान अपनी खेती की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।

क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि यह सिंचाई योजना लगभग 3-4 वर्ष पूर्व में बनी थी, लेकिन दुर्भाग्य से, अब पाइप लाइन पूरी तरह टूट चुकी है। जिसके कारण, क्षेत्र में कई एकड़ उपजाऊ, खेती-बाड़ी योग्य भूमि में फसल उगाना अब संभव नहीं रह गया है। यह क्षेत्र उत्तम किस्म की फसल उत्पादन के लिए जाना जाता है, जिसमें लगभग 600-700 खेत शामिल हैं। कुल मिलाकर, लगभग 2 किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस कृषि योग्य भूमि पर 8 से 10 गांव के सैकड़ों परिवार अपनी आजीविका के लिए निर्भर हैं।

अधिकारी लापरवाह, किसान हताश

शैलजा चम्याल ने बताया कि इस समस्या के संबंध में पूर्व में कई पत्र दिए जा चुके हैं, परंतु चौंकाने वाली बात यह है कि, ध्वस्त लाइन को ठीक करना तो दूर, संबंधित अधिकारियों द्वारा अब तक स्थलीय निरीक्षण भी नहीं किया गया है। यह स्पष्ट रूप से, अधिकारियों की क्षेत्र के कृषकों के प्रति घोर असंवेदनशीलता और लापरवाही को दर्शाता है। फसल बुआई को 2-3 महीने हो चुके हैं, मगर इसके बावजूद, खेत पानी के लिए प्यासे हैं। इतना ही नहीं, पानी के अभाव में पेड़-पौधे सूखने लगे हैं और खेतों में बंदर घूमने लगे हैं।

रोजी-रोटी का गहराता संकट

कृषकों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि सिंचाई के अभाव में उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। निश्चित रूप से, इससे उनके सामने भविष्य में रोजी-रोटी का गहरा संकट पैदा हो सकता है। यह वह क्षेत्र है जहां हजारों क्विंटल अनाज पैदा होता था, लेकिन अब, सिंचाई के अभाव में बीज के लिए दाना प्राप्त होना भी मुश्किल हो गया है।

विभागों से संपर्क करने पर पता चला है कि लाइन सही करने में कई महीने लगेंगे, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।

ग्रामीणों ने खुद किया प्रयास

शासन-प्रशासन से निराश होकर, ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर पहाड़ी में सिंचाई पाइपलाइन को खुद ठीक करने का प्रयास किया। हालांकि, लाइन ठीक तो नहीं हो पाई, बल्कि इसके विपरीत, इस प्रयास में एक व्यक्ति को चोट भी आ गई। सदस्य शैलजा चम्याल ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया है कि “शासन प्रशासन मस्त है, क्षेत्रीय जनता गंभीर समस्याओं से त्रस्त है।”

शैलजा चम्याल ने जिलाधिकारी से निवेदन किया है कि वह शीघ्र ही इस महत्वपूर्ण सिंचाई योजना को ठीक करवाएं, ताकि किसान अपने खेती के सिंचाई कार्य को समय पर पूरा कर सकें और उन्हें हो रहे भारी नुकसान से बचाया जा सके।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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