14 महीने से वेतन न मिलने पर जताया आक्रोश
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। अल्मोड़ा मैग्नेसाइट फैक्ट्री के कर्मचारियों ने 14 महीने से लंबित वेतन और अन्य मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है।
बुधवार को बागेश्वर जिला मुख्यालय पहुंचकर कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट परिसर में जोरदार नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर धरना दिया। कर्मचारियों ने प्रबंधन पर उपेक्षा और बांटने का गंभीर आरोप लगाया है, क्योंकि प्रबंधन द्वारा आधे कर्मचारियों को वेतन दिया गया है जबकि आधे को इससे वंचित रखा गया है।
उपेक्षा का आरोप और आर्थिक संकट
क्रमिक अनशन पर बैठे अल्मोड़ा मैग्नेसाइट फैक्ट्री कर्मचारियों ने सभा में प्रबंधन के खिलाफ जमकर आक्रोश व्यक्त किया। वक्ताओं ने बताया कि उन्हें बीते 14 महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिसके चलते उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है। कर्मचारियों के लिए अपने बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने साफ कहा कि बार-बार जिलाधिकारी से मिलने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसके कारण उन्हें यह कठोर कदम उठाना पड़ा है।
प्रबंधन पर ‘बांटने’ का गंभीर आरोप
कर्मचारियों ने प्रबंधन की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आधे कर्मचारियों को वेतन देकर और आधे को वंचित रखकर प्रबंधन कर्मचारियों को बांटने का काम कर रहा है। उन्होंने इसे अन्याय बताते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन और भी तेज किया जाएगा।
आर-पार की लड़ाई का ऐलान और प्रमुख मांगें
पहले दिन के क्रमिक अनशन पर दीवान सिंह जनौटी, मनोज कुमार टम्टा, महेंद्र कुमार, भूपेंद्र प्रसाद, तथा बीडीसी सदस्य फते सिंह करायत सहित कई कर्मचारी बैठे। कर्मचारियों ने अपनी प्रमुख मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
- 14 महीने का लंबित वेतन तत्काल जारी किया जाए।
- सभी कर्मचारियों को सरकारी विभागों में समायोजित किया जाए।
- कर्मचारी भविष्य निधि (PF) में हुई अनियमितताओं की जांच की जाए।
इस मौके पर शांति लाल, गायत्री प्रसाद, महेंद्र कुमार, सुरेंद्र लाल, मनोज सिंह, उमेश चंद्र, चंदन सिंह, हरीश नगरकोटी, यशवंत सिंह, मनोज तिवारी, अशोक कुमार आदि सहित कई कर्मचारी उपस्थित रहे। कर्मचारियों ने दोहराया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन जारी रहेगा।

