बागेश्वर में बड़े पैमाने पर होगी ड्रैगन फ्रूट की खेती
बदलेगी बागेश्वर के किसानों की किस्मत !
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। बागेश्वर के किसानों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि के उद्देश्य से, मुख्य विकास अधिकारी (CDO) आरसी तिवारी ने उद्यान विभाग को जनपद में ड्रैगन फ्रूट (Dragon Fruit) फ़ार्मिंग की संभावनाओं का विस्तृत आकलन करने के निर्देश दिए हैं। सीडीओ ने स्पष्ट किया कि ड्रैगन फ्रूट का पायलट प्रोजेक्ट उत्साहजनक परिणाम दिखा रहा है, और भविष्य में इसके उत्पादन को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जाएगा।

शनिवार को निरीक्षण के दौरान, मुख्य विकास अधिकारी आरसी तिवारी ने ड्रैगन फ्रूट ट्रायल के प्रारंभिक परिणामों की जानकारी ली। इसके अतिरिक्त, उन्होंने उद्यान विभाग को कृषकों की मांगों को ध्यान में रखते हुए पौधालय (नर्सरी) में ही सब्जी बीज एवं सब्जी पौध उत्पादन शुरू करने के निर्देश भी दिए। यह कदम किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराने में सहायक होगा।
सीडीओ ने पौधालय की विभिन्न गतिविधियों का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि नर्सरी में तैयार प्याज की पौध को निर्धारित समय पर किसानों को उपलब्ध कराया जाए। इस अवसर पर पौधालय प्रभारी प्रमोद सिंह राणा और कुंदन सिंह दानू भी उपस्थित थे।
ड्रैगन फ्रूट: क्यों है यह बागेश्वर के किसानों के लिए खास?
ड्रैगन फ्रूट, जिसे वैज्ञानिक रूप से हाइलोसेरियस प्रजाति के नाम से जाना जाता है, मूल रूप से मैक्सिको और मध्य अमेरिका का फल है, लेकिन अब यह भारत सहित दुनिया भर में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसके आकर्षक रंग, अनोखे रूप और स्वास्थ्य लाभों के कारण इसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अच्छी मांग है, जो इसे बागेश्वर जैसे क्षेत्रों के किसानों के लिए उच्च-मूल्य वाली (High-Value) और लाभदायक फसल बनाता है।
ड्रैगन फ्रूट की खासियत:
- कम पानी की आवश्यकता: यह एक कैक्टस प्रजाति का फल है, इसलिए इसे पारंपरिक फसलों की तुलना में कम पानी की जरूरत होती है। यह सूखे की आशंका वाले या सीमित जल संसाधन वाले क्षेत्रों के लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है।
- आर्थिक लाभ: बाजार में इसकी कीमत पारंपरिक फलों से काफी अधिक होती है, जिससे किसानों की प्रति एकड़ आय में कई गुना वृद्धि होने की संभावना है।
- स्वास्थ्य लाभ: यह फल विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट्स, फाइबर और खनिजों से भरपूर होता है। यह इम्यून सिस्टम को मजबूत करने और पाचन में सुधार करने में मदद करता है।
- स्थानीय जलवायु अनुकूलन: बागेश्वर में पायलट प्रोजेक्ट की सफलता यह दर्शाती है कि यहाँ की जलवायु और मिट्टी की स्थितियाँ इसके उत्पादन के लिए अनुकूल हैं, जिससे बड़े पैमाने पर खेती का मार्ग प्रशस्त होता है।
सीडीओ द्वारा ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने का निर्देश बागेश्वर के कृषि परिदृश्य में विविधीकरण (Diversification) और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

