CNE रिपोर्टर, बागेश्वर। बागेश्वर-गरुड़ मोटर मार्ग पर कुकुड़ागाड़ के पास सोमवार सुबह करीब 7 बजे एक ट्रक का एक्सल टूट जाने से भीषण जाम लग गया। यह जाम घंटों तक लगा रहा, जिससे गरुड़, कौसानी और आसपास के क्षेत्रों से बागेश्वर मुख्यालय आने-जाने वाले हजारों यात्रियों, शिक्षकों और नौकरीपेशा लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ट्रक के बीच सड़क पर खड़े होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सुबह के समय यह मार्ग बागेश्वर जिला मुख्यालय की ओर जाने वाले दैनिक यात्रियों और स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों से भरा रहता है। कई यात्रियों को अपने वाहन बदलकर आगे का सफर करना पड़ा, लेकिन लंबे रूट की बसें और निजी वाहन घंटों जाम में फँसे रहे।
यात्रियों की सूचना पर पुलिस और प्रशासन को मौके पर पहुँचने में काफी समय लगा। कड़ी मशक्कत के बाद, दोपहर में कहीं जाकर यातायात बहाल हो पाया। घंटों जाम खुलने के बाद ही लोगों ने राहत की साँस ली।
यात्रियों की इस भारी फजीहत की कौन लेगा जिम्मेदारी !
सवाल यह है कि यह मार्ग बागेश्वर जिले की जीवनरेखा माना जाता है। इस तरह की एक छोटी सी घटना से अगर घंटों का महाजाम लगता है, तो क्या प्रशासन ने ऐसे संवेदनशील स्थानों पर त्वरित रेस्पोंस टीम या भारी वाहनों को हटाने के लिए पर्याप्त संसाधनों की व्यवस्था की है? दैनिक यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सड़क पर गश्त और नियमित निरीक्षण क्यों नहीं होता? यह लापरवाही न केवल यात्रियों का समय बर्बाद करती है, बल्कि जिला मुख्यालय के कार्य को भी प्रभावित करती है।

