सीएनई रिपोर्टर, सुयालबाड़ी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सुयालबाड़ी में नियमित चिकित्सकों की नियुक्ति और डिजिटल एक्स-रे मशीन लगाने सहित स्वास्थ्य सुविधाओं की विभिन्न मांगों को लेकर ग्रामीणों का सेवा संघ के बैनर तले चल रहा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन क्षेत्रीय विधायक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के सार्थक आश्वासन के बाद आज समाप्त हो गया है। आंदोलनकारियों ने इसे जनता की एक बड़ी जीत बताते हुए तमाम सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
यह विरोध-प्रदर्शन पिछले रविवार से सीएचसी प्रांगण में शुरू किया गया था। आंदोलन का मुख्य कारण सीएचसी सुयालबाड़ी में पर्याप्त डॉक्टरों की कमी और पुरानी एक्स-रे मशीन के स्थान पर नई डिजिटल एक्स-रे मशीन की तत्काल आवश्यकता थी, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल सकें।
जनप्रतिनिधियों ने किया नेतृत्व
इस अनिश्चितकालीन धरने का नेतृत्व ग्राम प्रधान सिमराड़ भारतेंदु पाठक, प्रधान सुयालबाड़ी दीपक सुयाल और प्रधान कमोली तरुण कांडपाल सहित कई अन्य जनप्रतिनिधियों ने किया।
🗣️ प्रशासन से पूर्व वार्ता
प्रदर्शन के दौरान, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने आंदोलनकारियों से वार्ता करने के लिए मौके पर पहुँची थी। इस टीम में एसडीएम कैंचीधाम मोनिका, सीएमओ डॉ. हरीश पंत, एसीएमओ डॉ. लक्ष्मण मेहता, और कानूनगो नरेश असवाल आदि शामिल थे। हालांकि, पहले की वार्ता में स्पष्ट और संतोषजनक आश्वासन नहीं मिल पाने के कारण आंदोलन तब समाप्त नहीं किया गया था।
विधायक के आश्वासन पर मिली सफलता
आज, शुक्रवार को क्षेत्रीय विधायक सरिता आर्या और सीएमओ द्वारा डॉक्टरों की नियुक्ति और डिजिटल एक्स-रे मशीन लगाए जाने के संबंध में ठोस आश्वासन दिए गए। विधायक ने दूरभाष पर हुई वार्ता में मांगों को स्वीकार करने की बात कही। इसके बाद, सेवा संघ के बैनर तले चल रहे आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की गई।
वक्तओं ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में 7 डॉक्टरों की नियुक्ति हो जायेगी। साथ ही 6 माह में डिजिटल एक्स—रे मशीन लगने सहित अन्य मांगें भी पूरी हो जायेंगी।

भविष्य की चेतावनी
इस अवसर पर, प्रदेश महासचिव राष्ट्रीय सेवा संघ व ग्राम प्रधान सिमराड़ भारतेंदु पाठक ने स्पष्ट किया कि यदि निश्चित समय-सीमा के भीतर डिजिटल एक्स-रे मशीन नहीं लगाई गई, तो पुनः आर-पार का बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
आंदोलन समाप्ति के दौरान ज्येष्ठ प्रमुख रणजीत जीना, ग्राम प्रधान कमोली तरुण कांडपाल, दीपक सुयाल, भारतेंदु पाठक, प्रधान गंगरकोट कमल जीना, निधि जोशी, जयंत कुमार नेगी, मनरसा के समाजसेवी हरगोविंद जीना, विनोद चुपडाल आदि सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।

