👉 अल्मोड़ा में पत्रकारों से मुखातिब होकर पूर्व राज्यसभा सांसद ने कही यह बात
👉 बोले, स्थापना की रजत जयंती जैसा क्षण अत्यंत महत्वपूर्ण
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: इस बार पर्वतीय राज्य उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में रजत जयंती मना रहा है। ऐसे में धाकड़ धामी सरकार जन अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए राज्य को स्थाई राजधानी गैरसैंण की सौगात प्रदान करे।
यह बात पूर्व राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने शनिवार को यहां चौघानपाटा स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कही। पत्रकारों से मुखातिब होकर उन्होंने कहा कि स्थापना के 25 साल होने पर प्रदेश अपनी स्थापना की रजत जयंती मना रहा है। उन्होंने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाना भाजपा की राजनैतिक चाल है। टम्टा ने कहा कि पर्वतीय राज्य की राजधानी पर्वतीय क्षेत्र में ही होनी चाहिए। उन्होंने मांग उठाई कि गैरसैंण को स्थाई राजधानी घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि स्थापना के 25 साल पूरे होने तक इस पहाड़ी राज्य को स्थाई राजधानी नहीं मिल पाई। इस कारण पहाड़ में शिक्षा, चिकित्सा व रोजगार की कमी से भारी पलायन हो रहा है। उन्होंने कहा कि अब उम्मीद है कि 25 साल पूरे होने पर राज्य को स्थाई राजधानी मिल पाएगी।
पूर्व राज्यसभा सांसद ने कहा कि गैरसैंण को राजधानी बनाना राज्य आंदोलनकारियों व पहाड़ की जनता का सपना है। इसी सपने को पूरा करने के उद्देश्य से पूर्व की कांग्रेस सरकार ने गैरसैंण में स्थाई राजधानी बनाने के लिए आधारभूत ढांचा तैयार किया, इसके बावजूद भाजपा सरकार जनभावनओं के साथ खिलवाड़ किया है। टम्टा ने कहा कि राज्य सरकार ने इस 25 साल पूरे होने पर समारोह के रूप में स्थापना दिवस मनाने का निर्णय लिया है और इसी उपलक्ष्य में 3 व 4 नवंबर को विधानसभा का विशेष अधिवेशन बुलाया है। जिसमें देश की राष्ट्रपति भी प्रतिभाग कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण है। ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर कई सालों से इंतजार कर रही जनता को स्थाई राजधानी की सौगात धाकड़ धामी सरकार प्रदान करे। प्रेसवार्ता में विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र भोज, नगर अध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, पीतांबर पांडेय, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी आदि मौजूद रहे।

