👉 विश्व फार्मासिस्ट दिवस समारोह में बोले विधायक, कई लोग हुए सम्मानित
👉 संघ भवन के जीर्णोद्धार के लिए विधायक निधि से 8 लाख देने की घोषणा
👉 डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन का आयोजन, मरीजों को बांटे फल
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: विधायक मनोज तिवारी ने बेस अस्पताल परिसर में स्थित बहुद्देश्यीय फार्मेसी संघ भवन की छत के जीर्णोद्धार के लिए विधायक निधि से 8 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने फार्मासिस्टों को स्वास्थ्य महकमे की रीढ़ बताते हुए संवर्ग को सिकोड़ने के प्रयासों को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। तिवारी गुरुवार को विश्व फार्मासिस्ट दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन अल्मोड़ा ने यहां विश्व फार्मासिस्ट दिवस धूमधाम से मनाया। समारोह में उत्कृष्ट सेवा के लिए कई पूर्व फार्मेसी अधिकारियों को सम्मानित किया गया।

संघ भवन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक मनोज तिवारी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद अपने संबोधन में तिवारी ने फार्मेसी अधिकारियों का आह्वान किया कि वे ‘स्वास्थ्य के बारे में सोचें, फार्मासिस्ट के बारे में सोचें’ की थीम को धरातल पर उतारें। उन्होंने फार्मासिस्टों को स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ बताते हुए कहा कि आज भी चिकित्सक विहीन ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में मरीज बड़ी सेवाएं दे रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्र के लोग उपचार के लिए उन्हीं पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्टों के अधिकारों का ह्रास करने और संवर्ग को सिकोड़ने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि उन्हें दवा लिखने का अधिकार मिलना चाहिए। विधायक ने कहा कि फार्मासिस्टों के सभी सृजित पदों पर नियुक्ति के लिए मौका मिलते ही पूरा प्रयास करेंगे और हर संभव सहयोग दिया जाएगा। संगठन के अनुरोध पर विधायक ने फार्मेसी भवन के छत के पुनर्निमाण के लिए विधायक निधि से 8 लाख रुपये देने की घोषणा की और बताया कि तात्कालिक रूप से उन्होंने 4 लाख रुपये अवमुक्त कर दिए हैं। इससे पहले संघ की ओर से विधायक का पुष्प गुच्छ, बैच अलंकरण व शॉल ओढ़ाकर भव्य स्वागत किया गया।
———————
फार्मासिस्ट संवर्ग के सिकुड़ने पर चिंता
‘स्वास्थ्य के बारे में सोचें, फार्मासिस्ट के बारे में सोचें’ की थीम पर आयोजित विचार गोष्ठी में संगठन के पूर्व महामंत्री सीएस महरा ने फार्मेसी संवर्ग के सिकुड़ने और पदों को कम करने पर चिंता जताई। उन्होंने फार्मेसी की दयनीय दशा को सुधारने के लिए फार्मेसी के मूलभूत स्वरूप व कार्य का अध्ययन कर कदम उठाने की जरूरत है। प्रांतीय उपाध्यक्ष गोकुल सिंह मेहता ने विस्तार से स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मेसी के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विश्व में 4 लाख 17 करोड़ रुपये का फार्मेसी व्यवसाय है। भारत में भी बड़ा व्यवसाय है, जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भारत दो सौ से अधिक देशों को औषधी का निर्यात करता है। उन्होंने कहा कि बड़े योगदान के बावजूद फार्मासिस्टों के पदों को कम किया जा रहा है। देश में 12 लाख फार्मासिस्ट पंजीकृत हैं और करीब 1 अरब 46 हजार की आबादी है, इस अनुसार 13 हजार की आबादी पर एक फार्मासिस्ट है।
संगठन के कुमाऊं मंडल अध्यक्ष गजेंद्र पाठक ने विस्तृत रूप से विचार रखते हुए यह समझाने का प्रयास किया कि जन स्वास्थ्य की सुरक्षा में फार्मासिस्ट का कितना योगदान है। उन्होंने फार्मासिस्ट के कार्य व दायित्व समझाए और सभी सदस्यों से इन दायित्वों पर खरा उतरने का आह्वान किया। उन्होंने फार्मेसी प्रेक्टिस रेग्युलेशन एक्ट को लागू करने की मांग भी उठाई। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त चीफ फार्मासिस्ट अशोक पांडे व आरएस भोजन ने भी विचार रखे। सर्वप्रथम सुबह फार्मेसी अधिकारियों ने जिला मुख्यालय पर स्थित जिला, बेस व महिला अस्पतालों में मरीजों को फल बांटे।
————————
इनका हुआ सम्मान
कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व जिला फार्मेसी अधिकारी जीसी जोशी, सेवानिवृत्त चीफ फार्मासिस्ट हेम तिवारी, आरएस भोज, अशोक पांडे, केएस बिष्ट, सीएस महरा, प्रेमचंद्र, एचएस परिहार, डीएस बनौला व संगठन के कुमाऊं मंडल अध्यक्ष गजेंद्र पाठक को स्मृति चिह्न प्रदान कर एवं शॉल ओढ़ाकर उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया गया।
—————————
ये रही उपस्थिति
कार्यक्रम की अध्यक्षता एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष जेपीएस मनराल और संचालन जिला मंत्री रजनीश जोशी व वरिष्ठ फार्मेसी अधिकारी जीएस कोरंगा ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला कोषाध्यक्ष कैलाश चंद्र पपनै, जिला प्रवक्ता आनंद पाटनी, जिला संप्रेक्षक माया पांडेय, प्रांतीय उपाध्यक्ष डीपी जोशी, उपाध्यक्ष गोपाल सिंह, महेश उप्रेती, हरिराम, कुंदन जलाल, आरपी भट्ट, राखी राना, सुमन चम्याल, पवन जोशी, डीके पांडे, श्याम लाल, जितेंद्र देवड़ी, विनोद धपोला, हेम उपाध्याय, प्रीति ऐरी, भारती पांडे, रजत माहेश्वरी, पंकज टम्टा, दीक्षित टम्टा, शुभम दुर्गापाल, गिरीश पुजारी, महेश पुजारी, डीएन जोशी, संजय प्रकाश, जीआर आर्या, जगदीश जोशी, हरीश राम आर्या आदि कई फार्मेसी अधिकारियों ने सहयोग प्रदान किया।
————————

