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परीक्षा निरस्त कर मामले की उच्च स्तरीय जांच हो, आयोग के सारे कार्मिक बदले जाएं

👉 अल्मोड़ा के विधायक मनोज तिवारी ने पेपर लीक प्रकरण को लेकर उठाई आवाज

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: बीते रविवार को यूकेएसएसएससी द्वारा आयोजित परीक्षा का पेपर लीक होने संबंधी प्रकरण पर यहां विधायक मनोज तिवारी ने सरकार को घेरा है। उन्होंने परीक्षा को निरस्त करने, मामले की सीबीआई जांच कराने तथा आयोग के सभी कार्मिकों को बदलने की मांग उठा दी है।

बुधवार को यहां कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में विधायक मनोज तिवारी ने पेपर लीक प्रकरण पर कहा कि यूकेएसएसएससी की कुछ दिन पूर्व हुई परीक्षा के लिए 445 केंद्र बने थे, इनमें 1,54,764 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, इनमें से 1,05,803 अभ्यर्थी परीक्षा में बैठे और 48961 अनुपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि लंबे समय में बेरोजगार युवा बड़ी उम्मीद से परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। मगर परीक्षा शुरू होने के कुछ ही समय बाद पेपर लीक हो गया। पहले भी पेपर लीक के कई मामले हो चुके हैं। धामी सरकार ने नकल विरोधी विधेयक लाकर खूब वाहवाही लूटी, मगर अब इस कानून की हवा निकल गई। विधायक ने कहा कि पेपर लीक होना गरीब व मेहनत कर रहे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इसके लिए बेरोजगार युवा सरकार को कभी माफ नहीं करेंगे।

तिवारी ने आरोप लगाया कि बार बार ऐसा होना सरकार व आयोग को संदेह के घेरे में खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि आयोग के अध्यक्ष गणेश मर्तोलिया ने इस अनियमितता को स्वीकारने के बजाय इसे पेपर लीक मानने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाने की बात कही गई थी, तो फिर पेपर के पन्ने बाहर कैसे आ गए। विधायक ने यह आरोप भी लगाया कि आक्रोशित युवाओं के लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाने के लिए सरकार पूरी ताकत लगा रही है, यहां तक कि आंदोलित युवाओं को डराया धमकाया जा रहा है। विधायक तिवारी ने कहा कि भाजपा के पूर्व जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह पहले जेल में बंद हुआ और सरकार की तरफ से सटीक पैरवी नहीं हो सकी और अब फिर नकल प्रकरण में गिरफ्तार हुआ है। यह मामला भी सरकार को संदेह के घेरे में खड़ा करता है।

विधायक ने यह भी कहा कि आपदाग्रस्त कई क्षेत्रों के युवा इस परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो गए। उन्होंने पहले ही परीक्षा तिथि आगे बढ़ाने की मांग की थी, मगर उनकी नहीं सुनी गई। जिससे उनके साथ भी अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले को रणनीति तैयार कर रही है। उन्होंने युवाओं के आंदोलन को समर्थन भी दिया। विधायक तिवारी ने इस परीक्षा को तत्काल निरस्त करने, आयोग के सारे कार्मिकों को बदलने, मामले की सीबीआई जांच कराने की पुरजोर मांग की है। प्रेसवार्ता में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र भोज, पूर्व जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, नगर अध्यक्ष तारा चंद्र जोशी व पूर्व नगर अध्यक्ष पूरन रौतेला मौजूद रहे।
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सरकार को बदनाम करने का प्रयास: गुरुरानी

अल्मोड़ा: भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजीव गुरुरानी ने कहा है कि उत्तराखंड चयन सेवा आयोग की स्नातक भर्ती परीक्षा में पेपर लीक की बात को सिर्फ अफवाह बताते हुए कहा है कि यह विरोध पूरी तरह से सरकार को बदनाम करने की साजिश है। इस मामले की गहन और निष्पक्ष जांच कर षड्यंत्रकर्ताओं का पर्दाफाश होना चाहिए। उन्होंने यहां जारी बयान में कहा है कि आरोपी द्वारा केवल 12 प्रश्न बाहर भेजे गए, जबकि पेपर में सैकड़ों प्रश्न शामिल थे। इन प्रश्नों को बेरोजगार संगठन के एक चर्चित नेता तक पहुंचाना इस बात का प्रमाण है कि यह पूरी तरह से सरकार को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास है।

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