शारदीय नवरात्रि तारीख़: 22 सितंबर 2025 (सोमवार) से 1 अक्टूबर 2025 (बुधवार) तक
पंचांग: आश्विन माह, शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 22 सितंबर 2025 को रात 01:23 बजे प्रारंभ होकर 23 सितंबर 2025 को रात 02:55 बजे समाप्त होगी। इसी दिन से शारदीय नवरात्र की शुरुआत होगी।
✨ शारदीय नवरात्रि का महत्व
नवरात्रि शक्ति की उपासना का महापर्व है। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की साधना करने से जीवन में शांति, समृद्धि और आत्मबल की प्राप्ति होती है। भक्त व्रत रखते हैं, दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं और कन्या पूजन के साथ नवरात्रि का समापन करते हैं।
🪔 नवरात्रि की तैयारी और आवश्यक सामग्री
- कलश (जल, आम के पत्ते, नारियल)
- लाल चुनरी, रोली, अक्षत, कुमकुम, पुष्प
- दीपक, घी, कपूर, धूपबत्ती
- दुर्गा सप्तशती/देवी माहात्म्य पुस्तक
- मिट्टी का पात्र और जौ बोने की व्यवस्था
- कन्या पूजन हेतु भोजन और उपहार
🙏 नवरात्रि पूजन विधि
- स्नान कर पवित्र स्थान पर कलश स्थापना करें।
- कलश पर स्वास्तिक बनाएं और नारियल व आम के पत्ते रखें।
- मां दुर्गा की प्रतिमा/चित्र को लाल चुनरी से सजाएं।
- अखंड ज्योति जलाएं और संकल्प लें।
- प्रतिदिन माता के स्वरूप की पूजा करें, मंत्र-जप करें और आरती करें।
- अष्टमी/नवमी पर कन्या पूजन और हवन करें।
🌼 नौ दिनों की आराधना — स्वरूप, मंत्र, पाठ और आरती
1. प्रथम दिन — मां शैलपुत्री
- स्वरूप: पर्वतराज हिमालय की पुत्री
- मंत्र: “ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः”
- पाठ: दुर्गा सप्तशती अध्याय 1
- आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी…
2. द्वितीय दिन — मां ब्रह्मचारिणी
- स्वरूप: तपस्या और संयम की देवी
- मंत्र: “ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः”
- पाठ: दुर्गा सप्तशती अध्याय 2
- आरती: जय अम्बे ब्रह्मचारिणी माता…
3. तृतीय दिन — मां चंद्रघंटा
- स्वरूप: शौर्य और पराक्रम की प्रतीक
- मंत्र: “ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः”
- पाठ: दुर्गा सप्तशती अध्याय 3
- आरती: सिंह सवारी माता, जय चंद्रघंटा भवानी…
4. चतुर्थ दिन — मां कूष्मांडा
- स्वरूप: सृष्टि की रचयिता
- मंत्र: “ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः”
- पाठ: दुर्गा सप्तशती अध्याय 4
- आरती: जय अम्बे कूष्मांडा माता…
5. पंचम दिन — मां स्कंदमाता
- स्वरूप: कार्तिकेय की माता
- मंत्र: “ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः”
- पाठ: दुर्गा सप्तशती अध्याय 5
- आरती: जय जय हे स्कंदमाता…
6. षष्ठम दिन — मां कात्यायनी
- स्वरूप: वीरता और धर्म की रक्षक
- मंत्र: “ॐ देवी कात्यायन्यै नमः”
- पाठ: दुर्गा सप्तशती अध्याय 6
- आरती: जय कात्यायनी माता, जगत पालनहारी…
7. सप्तम दिन — मां कालरात्रि
- स्वरूप: अंधकार का नाश करने वाली
- मंत्र: “ॐ देवी कालरात्र्यै नमः”
- पाठ: दुर्गा सप्तशती अध्याय 7
- आरती: जय काली माता, महाकालरात्रि भवानी…
8. अष्टम दिन — मां महागौरी
- स्वरूप: शुद्धता और पवित्रता की देवी
- मंत्र: “ॐ देवी महागौर्यै नमः”
- पाठ: दुर्गा सप्तशती अध्याय 8
- आरती: जय महागौरी जगदम्बे…
9. नवम दिन — मां सिद्धिदात्री
- स्वरूप: सिद्धियों और पूर्णता की देवी
- मंत्र: “ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः”
- पाठ: दुर्गा सप्तशती अध्याय 11–13
- आरती: जय सिद्धिदात्री माता…
🔔 अष्टमी और नवमी का महत्व
- अष्टमी (29 सितंबर 2025): महाअष्टमी पूजन और कन्या भोज
- नवमी (30 सितंबर 2025): महानवमी पूजन और हवन
- 1 अक्टूबर 2025 को विजयादशमी (दशहरा) का पर्व मनाया जाएगा।
🌟शारदीय नवरात्रि 2025 निष्कर्ष
शारदीय नवरात्रि 2025 (22 सितंबर से 1 अक्टूबर) शक्ति की उपासना का महान अवसर है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा, मंत्र-जप और दुर्गा सप्तशती पाठ से भक्तजन आत्मिक शांति, बल और समृद्धि प्राप्त करते हैं।

