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अल्मोड़ा: अब तक सत्तारूढ़ दलों ने राज्य की अवधारणा को क्षति पहुंचाई: तिवारी

👉 खटीमा, मसूरी व मुजफ्फरनगर कांड के शहीदों को किया नमन
👉 उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने गांधी पार्क में धरना दिया, श्रद्धांजलि दी

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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान खटीमा, मसूरी और मुजफ्फरनगर में हुए गोलीकांड में शहीद आंदोलनकारियों की स्मृति में सोमवार को गांधी पार्क, अल्मोड़ा में श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी की ओर से आयोजित इस सभा में शामिल छात्र-छात्राओं, ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शहीदों को नमन किया। सभा में अंतर्जातीय विवाह को लेकर जगदीश की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

सभा को संबोधित करते हुए पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के 25 वर्षों में सत्तारूढ़ रही पार्टियों ने राज्य की अवधारणा, अस्मिता और प्राकृतिक संसाधनों को निर्ममता से नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली की कठपुतली सरकारों ने पूंजीपतियों, माफियाओं और बड़ी कंपनियों को संरक्षण देकर जल, जंगल और जमीन की खुली लूट को बढ़ावा दिया। विकास के नाम पर अपनाई गई नीतियों ने उत्तराखंड को विनाश के कगार पर ला खड़ा किया है। उन्होंने कहा राज्य आज बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार के दलदल में फंस चुका है। स्थायी सरकारी नौकरियों को समाप्त कर लाखों युवाओं को ठेके और मानदेय पर निर्भर रहने को मजबूर किया गया है। खेती-किसानी को उपेक्षा और जंगली जानवरों की मार से चौपट कर दिया गया है, जिससे गांव खाली हो रहे हैं और पलायन की समस्या और गंभीर हो गई है। अनियोजित विकास परियोजनाओं ने हिमालयी पारिस्थितिकी को गंभीर खतरे में डाल दिया है, जिसका दुष्परिणाम हम आए दिन आपदाओं के रूप में देख रहे हैं।

अन्य वक्ताओं ने कहा कि शहीदों का सपना सिर्फ राज्य बनाना ही नहीं था, बल्कि एक समावेशी, न्यायपूर्ण और स्वाभिमानी उत्तराखंड का निर्माण करना था। जो सपना पूरा नहीं हो सका। इस दौरान उन्होंने “शहीदों हम शर्मिंदा हैं, तुम्हारे कातिल ज़िंदा हैं”, “जल-जंगल-जमीन हमारी है, नहीं सहेंगे लूट तुम्हारी”, जैसे नारे गूंजे। सभा में एक स्वर में उत्तराखंड की जनता से आह्वान किया कि वे राज्य निर्माण के मूल उद्देश्यों की पुनर्स्थापना, उत्तराखंडी अस्मिता की रक्षा और सामाजिक-राजनीतिक परिवर्तन के लिए संगठित होकर संघर्ष के एक नए चरण की शुरुआत करें। संकल्प लिया कि शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए जनजागरण और जनसंगठन की ताकत को फिर से खड़ा किया जाएगा।

सभा की अध्यक्षता केंद्रीय उपाध्यक्ष समिति आनंदी वर्मा ने की तथा संचालन एडवोकेट नारायण आर्य ने किया। सभा को उपपा की केंद्रीय उपाध्यक्षा आनंदी वर्मा, एड. नारायण राम, एड. विनोद चंद्र तिवारी, डॉ. जेसी दुर्गापाल, प्रेम चंद्र, ममता जोशी, चिंतामणि भट्ट, उछास की नीमा आर्या, सोनी मेहता, हेमा, एड. विनोद जोशी, भावना पांडे आदि ने संबोधित किया। सभा में धौलादेवी से बसंत सिंह खनी, ममता बिष्ट, किरन आर्या, पूजा, एड पान, राजू गिरी, चंदन सिंह, मोहम्मद वसीम, गोपाल सिंह गैड़ा, उछास की भावना पांडे, दीपांशु पांडे, राकेश समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।

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