ओवरटेक की होड़ में हुआ हादसा, तेज रफ्तार बनी काल
सीएनई रिपोर्टर, रामनगर
Ramnagar: Passenger bus overturned : नैनीताल जिले के रामनगर में आज सोमवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। ढिकुली गांव के पास कुमाऊं मोटर ओनर्स यूनियन लिमिटेड (KMOU) की यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। इस बस में 12 से अधिक यात्री सवार थे। हादसे में 6 यात्री घायल हो गए हैं, जिनमें से 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
🚍 हादसा कैसे हुआ?
सुबह करीब साढ़े सात बजे KMOU की बस संख्या UK 04 PA 0430 रामनगर से भिकियासैंण, मासी और चौखुटिया होते हुए जौरासी जा रही थी। बस जैसे ही ढिकुली स्थित महारानी रिजॉर्ट के पास पहुंची, तभी सामने से एक तेज रफ्तार टेंपो को ओवरटेक करते हुए जिप्सी अचानक आ गई।
बस चालक प्रताप सिंह ने दोनों वाहनों से बचाने के लिए बस को सड़क किनारे मोड़ा, लेकिन बारिश के कारण मिट्टी गीली और कमजोर थी। वजन न सह पाने की वजह से बस सड़क किनारे पलट गई।
बस पलटते ही यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। घायलों को तुरंत रामनगर संयुक्त चिकित्सालय ले जाया गया।
- 6 यात्री घायल, जिनमें से 4 का इलाज रामनगर में चल रहा है।
- 2 गंभीर रूप से घायल यात्रियों को हायर सेंटर रेफर किया गया।
👨⚕️ डॉक्टर और अधिकारियों का बयान
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दीपा ने बताया –
“बस हादसे में घायल लोगों को अस्पताल लाया गया है। इनमें से 4 लोगों का इलाज संयुक्त चिकित्सालय में चल रहा है। 2 घायलों की हालत गंभीर है, जिन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है।”
वहीं, रामनगर एसडीएम प्रमोद कुमार ने कहा –
“बस चालक ने हादसे का कारण सामने से आ रहे टेंपो और जिप्सी को बताया है। सभी घायलों को उचित इलाज दिया जा रहा है। ओवरस्पीडिंग की जांच कराई जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई होगी।”
🚦 चालक का बयान
बस चालक प्रताप सिंह ने कहा – “मैं सामान्य गति से बस चला रहा था। सामने से टेंपो और जिप्सी एक साथ आ गए। टक्कर से बचाने के लिए मैंने बस को कच्ची सड़क पर मोड़ा। बारिश से मिट्टी धंसी और बस पलट गई। अगर मैं बस को मोड़ता नहीं, तो और बड़ा हादसा हो सकता था। सारी गलती टेंपो और जिप्सी चालकों की है।”
🏔️ रामनगर: पहाड़ का प्रवेश द्वार
रामनगर को उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों का प्रवेश द्वार कहा जाता है। यहां से कुमाऊं और गढ़वाल की ओर जाने वाली KMOU और GMOU की बसें रोजाना चलती हैं, जिन्हें पहाड़ की “लाइफलाइन” भी कहा जाता है। यही वजह है कि इस तरह के हादसे स्थानीय लोगों और यात्रियों दोनों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन जाते हैं।

