ईओ सहित कई अधिकारियों पर गिरेगी गाज
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। नगर पालिका में एक पर्यावरण मित्र सेवानिवृत्त के बाद भी तीन माह से वेतन ले रहीं हैं और वह काम भी कर रही हैं। जब इसका पता पालिका के अधिकारियों को चला तो उनमें हड़कंप मच गया। अब अधिष्ठान पटल में नियुक्त कर्मचारी पर गाज गिर सकती है।
दरअसल, पर्यावरण मित्र कमला देवी नगर पालिका की कर्मचारी हैं। उनका सेवानिवृत्त का समय अप्रैल माह में था, लेकिन वह नौकरी कर रहीं हैं। जिसके एवज में उन्हें वेतन भी मिल रहा है। जब इसकी भनक अफसरों को लगी तो वह बचाव में जुट गए, लेकिन किसी ने यह सूचना इंटरनेट मीडिया पर शेयर कर दी।
जिसके बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। नियम के अनुसार कर्मचारी के 60 वर्ष पूरे होने से छह माह पहले उन्हें सूचना देनी होती है। उनसे सेवानिवृत्त के प्रपत्र तैयार कराए जाते हैं, लेकिन पालिका के अधिष्ठान में नियुक्त कर्मचारी ने ऐसा नहीं किया। जिसके कारण अप्रैल से जून तक यानी तीन माह का वेतन लगभग प्रतिमाह 60 हजार रुपये के हिसाब से उन्हें 1.80 लाख रुपये का भुगतान हो गया।
अधिष्ठान क्लर्क से होगी वेतन की वसूली
पालिकाध्यक्ष सुरेश खेतवाल ने कहा कि पर्यावरण मित्र को अक्टूबर तथा नवंबर में सेवानिवृत्त की सूचना दी जानी चाहिए थी। यह गड़बड़ी अधिष्ठान क्लर्क से हुई है। उन्हें भी इसका अभी पता चला है। पर्यावरण मित्र पढ़ी-लिखी नहीं है। उसकी सर्विस बुक देखी नहीं गई है। जबकि अधिष्ठान क्लर्क ही कर्मचारियों के बिल, वाउचर, सैलरी आदि का काम देखते हैं। पर्यावरण मित्र ने वेतन के बदले काम किया है। उन्हें दिए गए वेतन की वसूली अधिष्ठान पटल के क्लर्क से कराई जाएगी।

यह घोर लारवाही है। ईओ, आहरण-वितरण अधिकारी तथा पटल क्लर्क पर कार्रवाई होगी। जिन्हें सेवानिवृत्त होना था, उन्हें भी इसकी जानकारी देनी थी। नियमानुसार वेतन की वूसली की जाएगी
— आशीष भटगांई, जिलाधिकारी, बागेश्वर

