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साधू का जीवन जी रहे रिटायर्ड BSF जवान की हाथ—पांव बांध निर्मम हत्या

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मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा के रहने वाले थे ​मृतक

राधारानी की भक्ति में त्यागा था घर बार, ली थी एच्छिक सेवानिवृत्ति

25 साल से मथुरा में रह रहे थे

मथुरा में राधारानी के परम भक्त और साधू का जीवन जी रहे रिटायर्ड BSF जवान विनोद पांडे की हाथ—पांव बांध निर्मम हत्या कर दी गई है। वे मूल रूप से उत्तराखंड राज्य में अल्मोड़ा के रहने वाले थे। उनका शव ओपन किचन में उल्टा पड़ा था। उनके हाथ—पांव पीछे से बंधे हुए थे।

मथुरा। रात के किसी पहर बदमाश घर में घुसे, साथु का जीवन जी रहे बीएसएफ (BSF) से रिटायर्ड जवान के हाथ-पैर बांधकर मुंह में कपड़ा ठूंसा, निर्मम हत्या की और गाड़ी-जेवर, मूर्ति आदि लेकर फरार हो गए। मृतक विनोद पांडे मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा के रहने वाले थे। राधारानी में दृढ़ आस्था होने के कारण उन्होंने BSF में सैनिक के पद से एच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। इसके बाद से उनका पूरा दिन भजन-पूजन में ही बीतता था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मथुरा के गोवर्धन इलाके में बदमाशों ने कत्ल की वारदात को अंजाम दिया है। यहां राधाकुंड के गोपी विहार कॉलोनी में बुधवार को बदमाशों ने एक सेवानिवृत्त बीएसएफ जवान, विनोद कृष्ण दास पांडे (56) की घर में घुसकर हत्या कर दी।

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मोहल्ले के लोगों की सूचना पर पुलिस टीमम मौके पर पहुंची। CO अनिल कुमार सिंह, SP देहात सुरेश चंद रावत सहित अन्य अधिकारी पहुंचे। उन्होंने कमरे के भीतर जाकर देखा, तो उनकी लाश रसोई में पड़ी मिली। लाश के पीछे से हाथ और पांव भी बंधे थे। जिससे प्रतीत होता है कि पहले उन्हें बांधा गया, फिर जान ले ली गई।

25 सालों से कर रहे थे राधारानी की सेवा

मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी विनोद पांडेय बीते 25 वर्षों से राधाकुंड में रहकर राधारानी की उपासना करते थे। राधारानी में गहरी आस्था होने के चलते ही उन्होंने बीएसएफ में सैनिक के पद से एच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। इसके बाद उनका दिन भजन-पूजन में ही बीतता था। उन्होंने अपना नाम भी विनोद कृष्ण दास कर लिया था।

करीब 8 महीने पहले जब उनके भाई ने गोपी विहार कॉलोनी में मकान बनवाया तो वह यह पाल कॉलोनी स्थित अपने मकान से यहां आकर रहने लगे थे। यहां आसपास के लोगों के साथ वह सत्संग किया करते थे। घर पर उनके पिता भी उनके साथ रहते थे, लेकिन वे इन दिनों छोटे बेटे के साथ दिल्ली गए थे।

बुधवार को पूरे दिन जब उनके घर में हलचल नहीं हुई तो गेट के अंदर विष्णु दास बाबा घुसे तो देखा ठाकुरजी के सामने बनी ओपन किचन में विनोद पांडे का शव पड़ा है। वह उल्टा पड़े थे। पीठ के पीछे हाथ पैर बंधे थे। उन्होंने बाहर आकर शोर मचाया। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

राधाकुंड की गोपी बिहार कॉलोनी में पसरा मातम

बताया जा रहा है कि विनोद पूजा—पाठ में अधिकांश समय बिताते थे। जिस करण कॉलोनी में सब लोग उन्हें अपना शिक्षा गुरु मानते थे। वे सबको राधारानी की भक्ति करने की कहते थे। उनकी मौत इस तरह से होगी, यह कोई सोच भी नहीं सकता था। घटना से हर को हतप्रभ है और शोक में डूबा है।

मूर्ति पर चढ़ा हार भी गायब

घटना को कारित करने वाले बदमाश ठाकुर जी की मूर्ति, जेवर आदि के साथ राधा रानी की मूर्ति पर रखा हार तक चुरा कर ले गए। यह हार सोने का था।

हत्या की तारीख और अनुमानित समय

पुलिस के अनुसार शव पड़ा होने की सूचना बुधवार देर शाम मिली। इसका अर्थ यही है कि सुबह 8 से शाम 6 बजे के बीच ही उनकी हत्या हुई होगी। हैरान करने वाली बात तो यह है कि इतने बड़ी मकान में एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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