ठंडी सड़क पार्क में खुली बैठक
माह में दो सर्वे रिपोर्टों पर उठाए सवाल
सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। आवास विकास कालोनी में बीते दिनों प्रशासन द्वारा लोगों के रजिस्ट्री दाखिल खारिज वाले मकानों पर लाल निशान लगाने से उनका धैर्य जवाब दे गया। शुक्रवार को आवास विकास कालोनी के सभी पीड़ितों ने ठंडी सड़क स्थित पार्क में एकत्र होकर एक खुली बैठक की।

इस दौरान लोगों ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर हल्ला बोला। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि आवास विकास द्वारा तत्कालीन जिलाधिकारी की संस्तुति पर ही उन्हें सन 1980 में आवास विकास के मकान अलॉट हुए हैं।

आवास विकास परिषद से रिटायर इंद्रमन मौर्य ने बताया कि आवाज विकास परिषद को तत्कालीन जिलाधिकारी वह सरकार ने ही भूमि आवंटित की थी और आज जिला अधिकारी और सरकार ही उसको तोड़ने का काम कर रही है। आवास विकास परिषद भी एक सरकारी संस्था ही है। उसके माध्यम से ही हम सब लोगों को मकान अलॉट किए गए थे, जिनकी रजिस्ट्री व दाखिल खारीज सबके पास उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि जिस समय का नक्शा लेकर यह सर्वे हो रहा है वह पूरी तरह गलत है जो नाला वर्तमान में है उसमें कोई भी बाढ़ का पानी या नहर का पानी नहीं आता है जिससे कोई जनहानि संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि अब प्रशासन हिटलर शाही अंदाज में आजादी से पूर्व सन 1930 के नक्शे को आधार बनाकर सर्वे कर उनके घरों में लाल निशान पोत रहा है, जो बिल्कुल ही औचित्यहीन है। लोगों का कहना था जब डीएम ने उनसे आपत्ति लेकर 13 अगस्त तक निस्तारण का समय दिया था तो आखिर फिर किसके इशारों पर ये 15 जुलाई को ही ये अधिकारी घरों पर बिना आपत्ति निस्तारण के लाल निशान लगा रहे हैं।

इस दौरान लोगों ने जिला प्रशासन द्वारा महीने भर के भीतर किए गए दो सर्वे की बिल्कुल ही अलग रिपोर्ट आने पर भी सवाल उठाए। सभी ने एकजूट होकर जिला प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन करने और अपनी जायज मांग के लिए जरूरत पड़ने पर न्यायालय जाने की भी बात कही।
इस मौके पर इंद्रमन मौर्य, डॉ एसके श्रीवास्तव, चारू चंद्र जोशी, हरीश पांडे, प्रकाश कड़ाकोटी, धीरज जोशी, महेश जोशी, मीनाक्षी पांडे, मीरा पांडे, लक्ष्मी देवी, कमला जोशी, सुरेंद्र मौर्य, शीशपाल, दीपा मौर्य, नीलम समेत बड़ी संख्या में आवास विकास के स्थानीय लोग मौजूद रहे।

