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रानीखेत में सात दिवसीय कथक नृत्य प्रशिक्षण कार्यशाला का रंगारंग समापन

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भव्य कथक प्रस्तुतियों ने मोह लिया दर्शकों का मन

सीएनई रिपोर्टर, रानीखेत। सांस्कृतिक समिति के तत्वावधान में यहां दीवान सिंह हॉल् मे चल रहे सात दिवसीय कथक नृत्य प्रशिक्षण कार्यशाला का रंगारंग कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया है। इस अवसर पर प्रशिक्षार्थियों और प्रशिक्षकों की भव्य कथक प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया।

समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि एडम कमांडेंट कर्नल ब्रिजेश सिंह सावियन, विशिष्ट अतिथि कैंट सीईओ कुनाल रोहिला, पूर्व रक्षा निदेशक डीएन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सांस्कृतिक समिति सदस्यों ने बैज अलंकरण और पौध देकर अतिथियों का हरित स्वागत किया। भावनगर गुजरात से आए कथक प्रशिक्षक जिगर भट्ट और प्रो निष्ठा देसाई ने मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि का अंग वस्त्र और सांस्कृतिक समिति अध्यक्ष विमल सती ने ऐपण कृति देकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों ने गुजरात से आए प्रशिक्षकों और प्रशिक्षक छह बालिकाओं का कुमाऊनी टोपी से सम्मान किया।

रामायण और महाभारत कालीन है यह विधा

इस अवसर पर मुख्य अतिथि कर्नल ब्रिजेश सिंह सावियन ने कहा कि कथक विधा नृत्य की प्राचीन विधाओं में से हैं। रामायण और महाभारत कालीन यह विधा परिष्कृत होती चली गई। वर्तमान पीढ़ी को इस विधा से परिचित और प्रशिक्षित कराने का रानीखेत सांस्कृतिक समिति का प्रयास प्रशंसनीय हैं। विशिष्ट अतिथि छावनी परिषद मुख्य अधिशासी अधिकारी कुनाल रोहिला ने रानीखेत में कथक कार्यशाला आयोजित करने के लिए सांस्कृतिक समिति की प्रशंसा की, साथ ही कहा कि समिति द्वारा सांस्कृतिक जलाई गई ज्योति और प्रखर हो इसके लिए और छावनी परिषद सहयोग करेगी।

यह लोग हुए सम्मानित

कार्यक्रम में कला संस्कृति एवं समाज सेवा के लिए क्रमशः मंजू साह, भुवन चंद्र साह और सतीश चन्द्र पाण्डेय सम्मानित किए गए। वहीं सांस्कृतिक योगदान के लिए विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य क्रमशः सुनीता अधिकारी, सुनील मसीह, विनोद खुल्बे, रीतिका कांडपाल,विमला बिष्ट सम्मानित किए गए। कला क्षेत्र भावनगर की ओर से सांस्कृतिक समिति सदस्य सम्मानित किए गए।

समारोह में कथक प्रशिक्षार्थियों और गुजरात से आए कथक प्रशिक्षकों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किए रखा। सांस्कृतिक समिति अध्यक्ष विमल सती ने अपने संबोधन में भाव नगर गुजरात से आए प्रशिक्षकों व अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में 118 महिलाओं बच्चों ने पंजीकरण कराया। रानीखेत में पहली बार आयोजित कार्यशाला को सफल बनाने के लिए सबका आभार जताते हुए भविष्य में भी ऐसी कार्यशालाएं लगाने का भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम का संचालन ज्योति साह और निष्ठा देसाई ने किया। इस अवसर पर डॉ जया पांडे, डॉ अनिल जोशी, मोहन नेगी, हिमांशु उपाध्याय सहित सांस्कृतिक समिति के राजेन्द्र पंत, गौरव तिवारी, गौरव भट्ट, अभिषेक कांडपाल, नेहा माहरा, गीता पवार, गीता जोशी, सोनू सिद्दीकी, अशोक पंत, परमवीर मेहरा आदि मौजूद रहे।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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