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अजीब हादसा : कभी भी और कहीं भी आ सकती है मौत ! पेट में अपना ही औजार धंसने से कारीगर की मौत, हल्द्वानी ले जाते वक्त रास्ते में तोड़ा दम

भीमताल। यहां नगर के गोरखपुर चौराहे में एक अजीब तरह की अप्रत्याशित मौत का मामला सामने आया है। यहां एक ऐसा हादसा हो गया, जिसका अंदेशा कोई नही लगा सकता। दरअसल, यहां एक लोहे के बंजारे कारीगर की मौत उसके द्वारा ही बनाये जा रहे किसी नुकीले औज़ार से हो गई। काम करते वक्त यह बंजारा अचानक असंतुलित होकर ​जमीन में गिरा और वहां पड़ा उसका कोई औजार सीधे उसके पेट में जा धंसा, जिससे उसके प्राण निकल गये।
मिली जानकारी के मुताबिक नगर के गोरखपुर चौराहे पर झोपड़ बस्ती में रह रहे बंजारों में से एक बंजारे की बृहस्पतिवार की शाम किसी नुकीले हथियार के पेट में घूसने से मौत हो गई। घायल बंजारे की अस्पताल में पहुंचने से पहले रास्ते में ही मौत हो गई। थानाध्यक्ष कैलाश जोशी के मुताबिक गोरखपुर चौराहे पर रहने वाले बंजारे राजेंद्र (36 साल) के साथ यह हादसा हुआ है।घायल को उपचार के लिए हल्द्वानी ले जाया जा रहा था, जहां रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। उल्लेखनीय है कि गोरखपुर चौराहे में कुछ बंजारे सालों से रहा करते हैं। इनकी आजीविका का एकमात्र साधन अपने खुद के बने लोहे के बने बर्तनों को बेच कर चलती है। कई सालों से यह बंजारे अपना रोजगार कर रहे हैं। इनके बनाए बर्तन काफी मजबूत और टिकाऊ हुआ करते हैं और काफी लोग आकर इनसे खरीददारी किया करते हैं। आज यहां हुआ इस तरह का हादसा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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