रामनगर | मानव वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के तहत कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के सर्पदुली रेंज से पकड़ी गई बाघिन की ढेला रेस्क्यू सेंटर में मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद बाघिन का शव नष्ट कर दिया गया। अधिकारी इसे स्वाभाविक मौत बता रहे हैं।
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कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) निदेशक डॉ. धीरज पांडेय का कहना है आठ जुलाई 2022 को मानव वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के चलते सर्पदुली रेंज से बाघिन पकड़ी गई थी। बाघिन को ढेला रेस्क्यू सेंटर में रखा गया था। शुक्रवार रात बाघिन की मौत हो गई थी। बाघिन की उम्र 11 वर्ष के आसपास थी। वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. दुष्यंत शर्मा, पश्चिमी वृत्त के पशु चिकित्सक डॉ. राहुल सती के संयुक्त पैनल ने पोस्टमार्टम किया। इस दौरान ढेला रेंजर अजय कुमार ध्यानी, एनटीसीए के नामित सदस्य कुंदन खाती, ललित अधिकारी, सिद्धार्थ रावत, हरपाल सिंह आदि रहे।
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।