HomeUttarakhandAlmoraअल्मोड़ा : आखिर इस बोर्डिंग स्कूल से क्यों भागे 04 बच्चे, सामने...

अल्मोड़ा : आखिर इस बोर्डिंग स्कूल से क्यों भागे 04 बच्चे, सामने आई यह वजह

📌 रानीखेत पुलिस ने मुरादाबाद से किया सकुशल बरामद

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। गत दिवस बोर्डिंग स्कूल नवोदय विद्यालय रानीखेत से भागे चार नाबालिग बच्चों को रानीखेत पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। यह बच्चे दिल्ली जा रही रानीखेत एक्सप्रेस में बैठे मिले। पूछताछ में बच्चों ने इस बोर्डिंग स्कूल से भागने के कारण भी भी स्पष्ट कर दिया है।

ADVERTISEMENTSAd Ad
बोर्डिंग स्कूल से क्यों भागे 04 बच्चे, सामने आई यह वजह
बोर्डिंग स्कूल से क्यों भागे 04 बच्चे, सामने आई यह वजह

उल्लेखनीय है कि गत दिवस कोतवाली रानीखेत में नवोदय विद्यालय रानीखेत के प्रधानाचार्य द्वारा सूचना दी गयी की उनके बोर्डिंग स्कूल से 4 बच्चे जो कक्षा 9 वीं में पढ़ते है तथा जिनकी उम्र- लगभग 14-15 वर्ष है। चारों रात को हॉस्टल से गायब हो गए हैं। यह बच्चे पंजाब भटिंडा के रहने वाले हैं।

एसएसपी अल्मोड़ा देवेन्द्र पींचा द्वारा मामले का तत्काल संज्ञान लेकर घटना की गंभीरता एवं संवेदनशीलता के दृष्टिगत प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रानीखेत को बच्चों की शीघ्र तलाश कर सकुशल बरामद करने हेतु निर्देशित किया गया। सीओ अल्मोड़ा/रानीखेत विमल प्रसाद के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रानीखेत श्री हिमांशु पंत के नेतृत्व में रानीखेत पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए गुमशुदा बच्चों की ढूढ़खोज प्रारम्भ की गयी।

टैक्सी चालक से मिली जानकारी आई बहुत काम

ढूढ़खोज के दौरान पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुई कि उक्त बच्चे 15 फरवरी 2024 की रात्रि में एक टैक्सी बुक कर काठगोदाम चले गए हैं। जिस पर संबंधित टैक्सी चालक का पता लगाकर उससे वार्ता की गई। तब टैक्सी चालक ने बताया कि बच्चे ट्रेन से जाने की बात कर रहे थे। जिस पर काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर जानकारी की गई तो पता चला कि 16 फरवरी को प्रातः 08.40 बजे एक ट्रेन संपर्क क्रांति दिल्ली जाती है जो चली गयी है। जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए RPF व GRP काठगोदाम, रुद्रपुर व रामपुर से संपर्क किया गया। तो उक्त ट्रेन का रामपुर से निकलकर मुरादाबाद पहुंचने का समय होना बताया गया। RPF मुरादाबाद से संपर्क कर मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के रुकने पर RPF की टीम द्वारा चेकिंग करने पर उक्त चारों बच्चे ट्रेन में बैठे मिले। जिस पर तत्काल टीम रवाना कर बच्चों को सकुशल बरामद करते हुए नवोदय विद्यालय रानीखेत लाया गया।

पूछताछ में बच्चों ने कही यह बात

हॉस्टल से बिना बताये जाने के बारे में बच्चों ने बताया कि घर से दूर होने के कारण मन नही लग रहा था इस कारण हम घर जाने के लिए चले गये। चारों बच्चों की सकुशल बरामदगी पर स्कूल प्रशासन द्वारा रानीखेत पुलिस की त्वरित कार्यवाही की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया गया।

अभिभावक बच्चों को भी समझें

सोचने वाली बात यह है कि कई बार अभिभावक अपने बच्चों की मरजी के बगैर उनका दूर-दराज के बोर्डिंग स्कूलों में एडमिशन करा दिया करते हैं। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। जिनमें से पहला कारण यही देखा गया है कि अभिभावकों के पास बच्चों को देने के लिए समय कम होता है। अतएव वह चाहते हैं कि बच्चों को बोर्डिंग स्कूल भेज झंझट से मुक्त हो जायें। अन्य कारण यह भी हो सकता है कि बहुत से अभिभावक यह समझते हैं कि बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई बेहतर होती है। कारण चाहे कुछ भी हो, लेकिन बच्चों को अपने से अलग करने का फैसला कभी भी जल्दबाजी में नहीं लेना चाहिए।

ADVERTISEMENTS
Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments