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कुमाऊं में टैक्सी संचालकों की हड़ताल खत्म, जांच के लिए समय अवधि बढ़ी

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हल्द्वानी समाचार | निजी वाहन फिटनेस सेंटर का विरोध कर रहे कुमाऊं के टैक्सी संचालकों ने तीन दिन के बाद हड़ताल खत्म कर दी है। सोमवार को परिवहन विभाग के साथ हुई बैठक में वाहनों की जांच के लिए समय अवधि 24 घंटे से बढ़ाकर 72 घंटे करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद महासंघ टैक्सी यूनियन कुमाऊं मंडल ने हड़ताल वापसी का फैसला किया।

देर शाम टैक्सियों का संचालन शुरू कर दिया गया। इससे यात्रियों को भी राहत मिली है। महासंघ ने बैठक में प्रशासन द्वारा लिए गए निर्णयों का पालन नहीं होने की स्थिति में दोबारा हड़ताल करने की चेतावनी दी है। निजी फिटनेस सेंटर के विरोध में शनिवार से कुमाऊं के सभी जिलों के टैक्सी संचालक हड़ताल पर चले गए थे। इस दौरान सेंटर में अवैध वसूली का आरोप लगाकर समाधान करने की मांग उठाई गई।

सोमवार को यूनियन के पदाधिकारियों के साथ परिवहन विभाग के अधिकारियों ने सर्किट हाउस में बैठक की। इस दौरान संचालकों की मांग के लिए बिंदुवार चर्चा की गई। वाहन संचालकों की समस्या को ध्यान में रखते हुए बैठक में वाहन फिटनेस जांच के लिए 48 घंटे अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय के बाद संचालक एक बार शुल्क जमा करने के बाद तीन दिन तक वाहनों की फिटनेस की जांच करा सकेंगे। इस अवधि में सेंटर में आने पर उनसे अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

सेंटर संचालकों को जांच के दौरान चालक और मालिक में से किसी एक को पास जारी करने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही विभाग से निर्धारित शुल्क के बोर्ड सेंटर पर लगाने का निर्णय भी लिया गया। देर शाम को बैठक में समाधान तय होने कारण दिन में टैक्सी संचालन बंद रहा। शाम को निर्णय के बाद टैक्सियों का संचालन शुरू हो गया।

आरटीओ संदीप सैनी ने बताया कि बैठक में लिए गए निर्णय उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दिए गए हैं। बैठक में आरटीओ संदीप सैनी (प्रशासन), आरटीओ नंद किशोर (प्रवर्तन), एसडीएम परितोष वर्मा, महासंघ के उपाध्यक्ष किशन पांडे, पंकज तिवारी, रोहित कुमार, संजय लोहनी, सुशील गुप्ता, पंकज तिवारी, संतोष कोहली आदि मौजूद रहे।

प्राइवेट फिटनेस सेंटर पर वाहनों के फिटनेस का सरकारी शुल्क निर्धारित, देखें किस वाहन को कितना चुकाना होगा शुल्क

सरकार की नई पॉलिसी के तहत अब सभी प्रकार के वाहनों का फिटनेस प्राइवेट फिटनेस सेंटर में होगा। संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी ने बताया कि, बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए सरकार द्वारा नई पॉलिसी के तहत वाहनों को निजी फिटनेस सेंटर के माध्यम से अति आधुनिक मशीनों से वाहनों की फिटनेस की जा रही है। फिटनेस सेंटर में अगर कोई वाहन अनफिट होता है तो उसकी फिटनेस नहीं होगी। फिटनेस सेंटर में फेल हुए वाहनों को ठीक करने के बाद वाहन स्वामी अपने वाहनों को फिटनेस कर सकता है।

आरटीओ संदीप सैनी ने बताया कि फिटनेस सेंटर में सरकार द्वारा निर्धारित फ़ीस और नियम के तहत ही प्राइवेट फिटनेस सेंटर में वाहनों का फिटनेस किया जा रहा है। वाहनों के अलग-अलग कैटेगरी के लिए सरकार द्वारा फ़ीस निर्धारित की गई है। जहां फिटनेस सेंटर द्वारा इंस्पेक्शन चार्ज, ग्रीन सेस, यूजर चार्ज, सर्टिफिकेट फीस लिया जायेगा।

सरकार द्वारा 15 साल पुरानी टैक्सी-मैक्सी वाहनों की फीस ₹1500 निर्धारित किए गए जबकि 15 साल से ऊपर के टैक्सी-मैक्सी वाहनों को ₹1900 चुकाने होंगे। 15 साल से कम टू व्हीलर के लिए ₹1300 जबकि 15 साल से ऊपर दो पहिया वाहनों के लिए ₹1400 चुकाने होंगे। 15 साल से कम तीन पहिया वाहनों को ₹1500 चुकाने होंगे जबकि 15 साल से ऊपर के तीन पहिया वाहनों को ₹1900 चुकाने होंगे। इसके अलावा 15 साल से कम छोटे ट्रक और बस को ₹1900 चुकाने होंगे जबकि 15 साल से ऊपर छोटे ट्रक और बस को ₹2200 चुकाने होंगे। वहीं 15 साल से कम हैवी ट्रक के लिए ₹1900 चुकाने होंगे जबकि 15 साल से ऊपर वाले हैवी ट्रक के लिए फिटनेस के लिए ₹ 2400 देने होंगे।

हालांकि प्राइवेट फिटनेस को लेकर गाड़ी मालिक सवाल भी खड़े कर रहे हैं ऐसे में परिवहन विभाग ने कहा है कि अभी तक उनके पास किसी तरह की कोई लिखित शिकायत नहीं आई है अगर कोई शिकायत आती है तो फिटनेस सेंटर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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