HomeUttarakhandBageshwarबागेश्वर उत्तरायणी मेला: कलाकारों ने दर्शकों को खूब थिरकाया

बागेश्वर उत्तरायणी मेला: कलाकारों ने दर्शकों को खूब थिरकाया

👉 गुरुवार की स्टार नाइट लोकगायक कुंदन, पंकज व आनंद के नाम रही
👉 ओमोनिया बैंड के कलाकारों ने भी मंच पर खूब जमाया रंग

ADVERTISEMENTSAd Ad

सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर: उत्तरायणी मेले में स्टार नाइट अब अपने यौवन पर है। गुरुवार की स्टार नाइट लोकगायक कुंदन कोरंगा, पंकज नेगी व आनंद कोरंगा के नाम रही। इनके अलावा ओमोनिया बैंड के कलाकारों ने कुमाउंनी, हिंदी तथा रैप सौंग गाकर दर्शकों का थिरकाया। झुमका पैरैली, पहाड़ैकि चेली झुमका पैरेली गीत पर पंडाल पर बैठे दर्शक नाचते रहे। ठंड के बावजूद देर रात तक कलाकार व दर्शक जमे रहे।

नुमाईशखेत मैदान में रात नौ बजे से ओमेनिया बैंड के कलाकारों ने मंच संभाला। उन्होंने शंकर संकट हरना ओ भोले बाबा भजन से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने ‘ऐ मेरे हमशफर एक जरा इंतजार’ हिंदी गीत के अलावा पंजाबी व रैंप सौंग सुनाया। इसके बाद कुंदन कोरंगा ने झुमका पैरैली, मेरी पहाड़ै बाना झुमका पैरैली, भलि लागलि गीत गाया तो दर्शक नाचने लगे। उन्होंने बिंदी घाघरी काई, धोती लाल किनार वाई हाय, हाय रे मिजाता, तिलै धारो बौला, नै बासू न्योली धूरा जंगला आदि गीत गाए। आनंद कोरंगा ने लेागों की फरमाइश पर कुमाउंनी, गढ़वाली गीतों का गायन किया। पंकज नेगी ने कांछू तेरो जलेबी को डाब ओ हेमा जाग आदि गीत गाए।

मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव ने कहा कि उत्तरायणी मेला राजनैतिक, सांस्कृतिक व धार्मिक समागम का मेला है। आज पूरे देश में उत्तरायणी मेला का आयोजन हो रहा है, लेकिन बागेश्वर की उत्तरायणी सबसे पुरानी है। यहां मकर संक्रांति पर कुली बेगार आंदोलन के रजिस्ट्ररों को सरयू में बहा दिया था। यह आंदोलन स्वंत्रता आंदोलन के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। उन्होंने सभी से शांतिपूर्ण ढंग से कार्यक्रम का आनंद लेने की अपील की है। इस मौके पर जिलाधिकारी अनुराधा पाल, मेलाधिकारी व एसडीएम मोनिका, तहसीलदार दीपिका, नगर पालिका ईओ हयात सिंह परिहार, रघुवीर दफौटी, भुवन कांडपाल, हरीश सोनी आदि मौजूद रहे। मंच का संचालन राजेंद्र परिहार व अजय चंदोला ने किया।

ADVERTISEMENTS
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments