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पूरा वीडियो यहाँ देखें (30 Sec)👉 पूर्व सांसद ने हालातों पर उठाए कई सवाल

सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर: पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा ने राज्य सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से अटल आदर्श विद्यालयों का गठन किया गया। अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाने के नाम पर उन विद्यालयों को सीबीएसई बोर्ड में डाल दिया गया। उनका रिजल्ट साफ तौर पर बता रहा है कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था किन हाथों में है।
उन्होंने यह बात यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा अटल आदर्श विद्यालयों को बनाना और उन्हें सीबीएसई को देना सबसे गलत निर्णय था। टम्टा कहा कि आज उन विद्यालयों में संस्कृत पढ़ने वाले छात्र को एडमिशन नहीं मिल रहा है। साथ ही परीक्षा शुल्क भी वहां उत्तराखंड बोर्ड के विद्यालयों के मुकाबले 10 गुना है। उत्तराखंड सरकार ने मान लिया है कि उनका बोर्ड नकारा हो चुका है। इसलिए वह सीबीएसई बोर्ड को अपने स्कूलों को सौंप रहे हैं।
सरकार के पास सीबीएसई के माध्यम से बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित शिक्षक हैं। ढांचा वही है बस नाम और काम बदल दिया गया। जिस बच्चे ने छोटी क्लास से हिंदी माध्यम से पढ़ाई की, उससे उम्मीद कर रहे हैं कि वो अचानक अंग्रेजी माध्यम में पूरा प्रदेश टॉप कर ले। इस दौरान ललित फर्स्वाण, हरीश ऐठानी, भगत डसीला, राजेन्द्र टंगडिया, कवि जोशी आदि मौजूद थे।

