उत्तराखंड की जनता देखेगी ‘मानसखंड की झांकी’, यहां किया जाएगा प्रदर्शन

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उत्तराखंड की जनता देखेगी ‘मानसखंड की झांकी’, यहां किया जाएगा प्रदर्शन

देहरादून | मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज बुधवार को मुख्यमंत्री आवास से गणतंत्र दिवस परेड-2023 में प्रथम स्थान पर रही उत्तराखंड राज्य की झांकी ‘मानसखंड’ को प्रदेश के जनपदों/ब्लॉक मुख्यालयों तथा मुख्य स्थानों पर प्रदर्शन हेतु फ्लैग ऑफ किया।


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इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारे लिए अत्यन्त गौरव का विषय है कि उत्तराखंड स्थापना के 22 वर्ष के इतिहास में पहली बार उत्तराखंड राज्य की झांकी को देश के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की ऐतिहासिक परेड के अवसर पर पहला स्थान प्राप्त हुआ है।

उन्होंने कहा कि मानसखण्ड झांकी में राज्य के प्रमुख जागेश्वर धाम, लोकसंस्कृतिव लोककला को दर्शाया गया है। मानसखंड की झांकी उत्तराखण्ड के सभी ब्लॉक मुख्यालयों व मुख्य शहरों में आज (5 अप्रैल) से लेकर 18 मई तक भ्रमण पर रहेगी। इससे राज्य के सभी जगहों के लोग विशेषकर बच्चे इस झांकी से अवगत हो पाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा मानसखण्ड मंदिर माला मिशन हेतु मिशन मोड पर कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक व धार्मिक धरोहरों के पुनरुद्धार के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, अपर निदेशक सूचना आशीष त्रिपाठी, झांकी लीडर के.एस.चौहान व आचार्य मनमोहन लोहनी उपस्थित थे।

झांकी में ये था खास

उत्तराखंड का प्रसिद्ध कॉर्बेट नेशनल पार्क, बारहसिंगा, उत्तराखंड का राज्य पशु कस्तूरी मृग, गोरल, देश का राष्ट्रीय पक्षी मोर जो उधमसिंह नगर में पाया जाता है, उत्तराखंड के प्रसिद्ध पक्षी घुघुती, तीतर, चकोर, मोनाल आदि व उत्तराखंड की प्रसिद्ध ऐपण कला को प्रदर्शित किया गया था। झांकी के आगे और पीछे उत्तराखंड का नाम भी ऐपण कला से लिखा गया था। जागेश्वर धाम का मंदिर घनघोर देवदार के वृक्षों के बीच में है। इसलिए झांकी में मंदिर के आगे और पीछे घनघोर देवदार के वृक्षो का सीन तैयार किया गया था।

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