HomeUttarakhandAlmoraपवनदीप राजन को पहला मौका देने वाली संस्था 'दिया' ने यहां लगाई...

पवनदीप राजन को पहला मौका देने वाली संस्था ‘दिया’ ने यहां लगाई ‘छोलिया’ वर्कशॉप

ADVERTISEMENTS

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा

⚡ Exclusive Fact Check क्या भारत के शहरों में सचमुच फैल गया है 'जांबी ड्रग'? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की पूरी सच्चाई यहाँ पढ़ें...

हाल ही में इंडियन आइडल बने पवनदीप राजन को पहला मौका देने वाली दीया संस्था की ओर से यहां श्री राम विद्या मंदिर ताकुला में आयोजित छोलिया वर्क शॉप का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों का उत्साह देखते हुए बनता था।

श्री राम विदया मंदिर, ताकुला अल्मोड़ा में दिल्ली की संस्था दीया ने एक छोलिया वर्क शॉप रखी, जिसमें तकरीबन 50 बच्चों को छोलिया नृत्य के बारे में बताया गया। छोलिया नृत्य की उत्पति एवं इतिहास तथा अन्य विषय वस्तु के बारे में बताया गया। इस वर्कशॉप की खास बात ये थी की इसमें संस्था के अध्यक्ष देवा धामी बच्चों से खुद रूबरू हुए।

ज्ञातव्य हो कि देवा धामी एक परंपरागत छोलिया नर्तक हैं।उनका मानना है की एनजीओ का अस्तित्व तभी है अगर वह लोगों के काम आ सके। इस एनजीओ की शुरूआत वर्ष 2009 में हुई थी। दीया संस्था पिछले 12 वर्षों से संकृति के उत्थान एवं प्रचार के लिए काम कर रही है। इस वर्कशॉप में अभिनेता देवा धामी ने बच्चों का खूब उत्साहवर्धन किया।

बच्चों को प्रशिक्षण देने के लिए श्वेता पांडे एवं सुनैना आर्य भी मौजूद थे। इसका प्रबंधन वीरेंद्र राव द्वारा किया गया। दीया संस्था की पीआरओ दिया रॉय की भी वहां उपस्थिति रही। वक्ताओं ने बताया कि दीया संस्था हमेशा संस्कृति के क्षेत्र में कार्य करती रही है। संस्था ने कई बच्चों को गांव—गांव से ढूंढ कर उन्हें मंच देने का कार्य किया है। हाल ही में इंडियन आइडल बने पवनदीप राजन को दीया ने पहला मौका फिल्म ‘छोलिया’ में दिया था, जिसके मुख्य कलाकार देवा धामी थे। कार्यक्रम के दौरान कपड़ा मंत्री अजय टमटा ने बच्चों को वीडियो कॉलिंग द्वारा बधाइयां भी दीं।

पूरी वर्कशॉप के दौरान बच्चों में जबरदस्त उत्साह रहा। इस वर्क शॉप का असल उद्देश्य बच्चों में नृत्य के प्रति एक उत्साह भरना था एवं उसका विस्तार करना था। देवा धामी ने वर्ष 2009 में इस संस्था की शुरुआत करी, जिसमें जर्नलिस्ट और कलाकारों का एक समूह शामिल है। वक्ताओं ने कहा कि छोलिया नृत्य का अस्तित्व मिटता चला जा रहा था, जिसके बाद देवा धामी की फिल्म छोलियार आयी तो लोगों ने इसे पहचाना शुरू किया और आज देश ही नहीं विदेशों में भी लोगों में इसकी पहचान बनी है।

वर्कशॉप में कोषाध्यक्ष यशिका बिष्ट की भी मौजूद रही। श्वेता पांडे ने बच्चों को प्रशिक्षण किया। सुनैना आर्य ने एंकर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रॉजेक्ट मैनेजर के तौर पर वीरेंद्र राव ने कहा कि संस्था हमेशा ही बच्चों व युवओं के साथ खड़ी है। कैमरामैन साजन भंडारी एवं पपीआरओ दिव्य रॉय ने इस पूरे कार्यक्रम को एक खूबसूरत आकार दिया। वक्ताओं ने कहा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य है की हम समाज में हर उस चीज के खिलाफ लड़े जो समाज में बच्चों की उन्नति को रोकती है। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य व शिक्षक भी मौजूद रहे।

ADVERTISEMENTS
Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments