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नवंबर तक चलेगी गरीब कल्याण अन्न योजना, प्रधान हो या प्रधानमंत्री कोई भी नियमों कानून से ऊपर नहीं : मोदी

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब कल्याण अन्न योजना दीपावली और छठ तक यानी नवंबर तक जारी रखने का ऐलान किया है। उन्होंने आज शाम चार से लगभग सवा चार बजे तक देशवासियों को संबोधित किया। मोदी ने अपने भाषण में लोगों से अनलॉक के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि अब मौसम बदल रहा है, ऐसे में सर्दी-जुकाम बढ़ता है। हमें जब ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है, तब हम ज्यादा लापरवाह होते जा रहे हैं। मास्क, गमछा, फेसकवर और सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है।
मोदी ने कहा कि नवंबर तक गरीब परिवार के प्रत्येक सदस्य को 5 किलो गेहूं या चावल मुफ्त और प्रत्येक परिवार को एक किलो चना मुफ्त मिलेगा। 80 करोड़ परिवारों को इस योजना का फायदा अगले 5 महीने तक मिलता रहेगा। 90 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च होंगे इस योजना को आगे जारी रखने में।
लॉकडाउन के वक्त इस योजना की शुरुआत की गई थी, 3 महीने में 60 हजार करोड़ खर्च हुए।
अब तक गरीब परिवार के प्रत्येक सदस्य को 5 किलो गेहूं या चावल मुफ्त और हर परिवार को एक किलो दाल मुफ्त दी गई। अब तक अमेरिका की कुल जनसंख्या से ढाई गुना, ब्रिटेन की जनसंख्या से 12 गुना और यूरोपियन यूनियन की आबादी से दोगुने से ज्यादा लोगों मुफ्त अनाज दिया गया। दुनिया से तुलना करें तो भारत कोरोना के मामले में संभली हुई स्थिति में है, लेकिन अनलॉक में लापरवाही बढ़ती जा रही है। लोगों को लॉकडाउन की तरह ही सतर्कता दिखाने की जरूरत है। जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, हमें उन्हें टोकना होगा, रोकना होगा और समझाना भी होगा। भले ही हम दो गज दूरी को लेकर, बीस सेकंड हाथ धोने को लेकर सतर्क रहे हैं। आज जब हमें ज्यादा सतर्कता की जरूरत है तो लापरवाही बढ़ना बहुत ही चिंता का कारण है। उन्होने कहा कि कंटेनमेंट जोन में बहुत ध्यान देना होगा। लाॅकडाउन के दौरान गंभीरता से नियमों का पालन किया गया था। उन्होंने कहा कि अभी आपने खबरों में देखा होगा कि एक देश के प्रधानमंत्री पर 13 हजार का जुर्माना इसलिए लग गया, क्योंकि वे मास्क पहने बिना गए थे। भारत में भी स्थानीय प्रशासन को इसी चुस्ती से काम करना चाहिए। यह 130 भारतीयों की रक्षा का अभियान है। गांव का प्रधान हो या देश का प्रधानमंत्री, कोई भी नियमों से ऊपर नहीं है।

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