HomeUttarakhandAlmoraAlmora Breaking: चाचा के हत्यारोपी भतीजे को आजीवन कारावास की सजा

Almora Breaking: चाचा के हत्यारोपी भतीजे को आजीवन कारावास की सजा

—जिले के एक गांव की घटना, अर्थदंड भी दिया
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
सत्र न्यायाधीश अल्मोड़ा में विचाराधीन चल रहे हत्या के एक मामले पर अदालत ने सुनवाई की है। जिसमें चाचा के हत्यारोपी को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया गया है।
अभियोजन की कहानी के अनुसार मामला अल्मोड़ा जिले के भनोली तहसील के ग्राम जिंगोली तोली का है। जहां 15 अप्रैल 2019 को आनंद बल्लभ तिवारी की हत्या उन्हीं के भतीजे ने कर दी थी। भतीजा सुभाष तिवारी सनकी किस्म का बताया गया है। बात ये थी ​कि हत्यारोपी सुभाष तिवारी अपनी मां बसंती देवी से पैसे मांग रहा था, लेकिन मां ने पैसे देने से मना कर दिया, तो मां से झगड़ा करने लगा। इस पर चाचा आनंद बल्लभ तिवारी ने उसे डांटा। इस पर वह अपने चाचा से भी झगड़ा और जान से मारने की धमकी देने लगा। उसी रात उसने चाचा आनंद बल्लभ तिवारी की हत्या को अंजाम दे डाला और शव को एक गधेरे में फेंक गोबर की खाद व घासफूस से ढक दिया। 16 अप्रैल 2019 को आनंद बल्लभ तिवारी का शव देखा गया। शव के सिर पर गंभीर चोट के निशान थे और शरीर से खून बह रहा था।

इसके बाद मृतक के भाई मोती राम तिवारी पुत्र बची राम तिवारी ने 16 अप्रैल 2019 को भनोली तहसील के पटवारी क्षेत्र दशौला बडियार में तहरीर दी। राजस्व पुलिस ने मौके पर शव कब्जे में लिया और रिपोर्ट के आधार पर राजस्व उप निरीक्षक ने हत्यारोपी सुभाष तिवारी को 17 अप्रैल 2019 को फल्टिया गांव से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बाद में विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले का विचारण सत्र न्यायाधीश अल्मोड़ा की अदालत में चला। इस मामले में अभियोजन की ओर से 10 गवाह न्यायालय में परीक्षित कराए गए। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी पूरन सिंह कैड़ा, विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शेखर चंद्र नैल्वाल ने मामले में सबल पैरवी की और दस्तावेजी साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत कराए।
सत्र न्यायाधीश अल्मोड़ा मलिक मजहर सुल्तान ने पत्रावली में मौजूद मौखिक व दस्तावेजी साक्ष्यों का परिशीलन कर मामले पर सुनवाई की। जिसमें हत्यारोपी सुभाष तिवारी पुत्र लक्ष्मीदत्त निवासी ग्राम जिंगोली तोली, तहसील भनोली, जिला अल्मोड़ा को धारा 302 ता.हि. के तहत आजीवन कारावास और 05 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई।

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