👉 उदयशंकर नाट्य अकादमी में लोक कलाकारों व सांस्कृतिक दलों का कार्यक्रम
👉 कलाकार निरंतर अभ्यास से अपनी कला को निखारें: अंशुल सिंह
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: पंडित गोविंद बल्लभ पंत राजकीय संग्रहालय के तत्वावधान में एकल लोक गायकों तथा विभिन्न सांस्कृतिक दलों का आज ऑडिशन लिया गया। यह ऑडिशन लोक कलाकारों व सांस्कृतिक दलों को संस्कृति विभाग में सूचीबद्ध करने के उद्देश्य से उदय शंकर नाट्य अकादमी में आयोजित किया गया। इस दो दिवसीय ऑडिशन कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने द्वीप प्रज्वलन कर किया। पहले दिन 119 एकल लोक कलाकारों में से 65 ने अपनी प्रस्तुति दी।
ऑडिशन का शुभारंभ करते हुए जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने लोक कलाकारों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाता है और लोक संस्कृति को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कलाकारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अपनी कला को निरंतर निखारने के लिए हमेशा अभ्यासरत रहें। जिलाधिकारी ने संबंधितों को कहा कि उदय शंकर नाट्य अकादमी अल्मोड़ा जनपद ने एक महत्वपूर्ण संस्थान है। इसके सदुपयोग की कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे नियमित रूप से यहां विभिन्न सांस्कृतिक तथा अन्य गतिविधियों का संचालन हो सके।
इस मौके पर राजकीय संग्रहालय के निदेशक एवं क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. चंद्र सिंह चौहान ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य लोक कलाकारों को पहचान दिलाना तथा उन्हें संस्कृति विभाग के माध्यम से मंच प्रदान करना है, जिससे क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन हो सके। ऑडिशन में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोक कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों ने प्रतिभाग किया और अपनी-अपनी प्रस्तुतियों से लोक संस्कृति, लोक गीत एवं पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन किया। डा. चौहान ने बताया कि पहले दिन ऑडिशन में कुल 119 में से 65 एकल लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि शेष एकल कलाकारों के साथ ही 17 लोक सांस्कृतिक दलों का ऑडिशन 6 जनवरी यानी कल मंगलवार को आयोजित होगा। ऑडिशन प्रक्रिया का मूल्यांकन 5 सदस्यीय विशेषज्ञ निर्णायक मंडल द्वारा किया जा रहा है। जिसमें सॉन्ग एंड ड्रामा डिवीजन, भातखंडे संगीत महाविद्यालय सहित प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हैं। इसके बाद चयनित कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों का पंजीकरण संस्कृति विभाग, उत्तराखंड के अंतर्गत किया जाएगा, ताकि उन्हें भविष्य में राज्य स्तरीय एवं राष्ट्रीय मंचों पर कला का प्रदर्शन करने का मौका मिले।

