पूरे इलाके में मातम
सीएनई रिपोर्टर, गरमपानी/नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जनपद स्थित रामगढ़ ब्लॉक के दियारी गांव से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक घर के कमरे में अचानक लगी भीषण आग ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियाँ छीन लीं। भीषण अग्निकांड में 19 वर्षीय युवती की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि अपनी लाडली को बचाने की जद्दोजहद में पिता भी बुरी तरह झुलस गए हैं।
कमरे में मची चीख-पुकार, बेबस रहे परिजन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना बुधवार की है जब दियारी गांव निवासी गोविंद लाल के मकान के एक कमरे में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। उस वक्त कमरे के भीतर उनकी 19 वर्षीय पुत्री मीना आर्य मौजूद थी।
कमरे से धुआं और आग की लपटें देख गांव में हड़कंप मच गया। बदहवास पिता गोविंद लाल, जो पास के ही दूसरे कमरे में भोजन कर रहे थे, बेटी की जान बचाने के लिए आग की लपटों में कूद पड़े। हालांकि, आग इतनी भीषण थी कि वह अपनी बेटी को काल के गाल से बाहर नहीं निकाल सके और खुद भी गंभीर रूप से झुलस गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन और पुलिस की कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही क्वारब चौकी पुलिस और स्थानीय ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। एसआई मनोज अधिकारी के नेतृत्व में पुलिस कर्मियों आनंद राणा, विजय अगारी और गोपाल बिष्ट ने ग्रामीणों के साथ मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाने का प्रयास किया। अल्मोड़ा से दमकल विभाग की गाड़ी को भी मौके पर बुलाया गया, जिसके बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
अस्पताल पहुँचने से पहले ही थम गईं सांसें
गंभीर रूप से झुलसी मीना आर्य को तत्काल सीएचसी सुयालबाड़ी ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, घायल पिता गोविंद लाल का प्राथमिक उपचार भी अस्पताल में किया गया। जवान बेटी की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में शोक की लहर है।
पुलिस के अनुसार, फिलहाल आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है। मामले की बारीकी से जांच की जा रही है कि आखिर कमरे में आग कैसे भड़की।

