तेज हवाओं का भी अलर्ट, जानिए, अगले तीन दिनों का हाल
CNE REPORTER, देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय होने से पूरे प्रदेश के मौसम का मिजाज बदल गया है। जहाँ मैदानी इलाकों में सुबह से ही झमाझम बारिश का दौर जारी है, वहीं उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी ने जनजीवन को प्रभावित किया है। कुमाऊं से लेकर गढ़वाल तक, समूचा प्रदेश इस समय शीतलहर की चपेट में है।
चारधामों ने ओढ़ी सफेद चादर; बद्रीनाथ में भारी हिमपात
पहाड़ों की रानी और आस्था के केंद्र चारों धामों—यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ—में बर्फबारी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
- बद्रीनाथ धाम: यहाँ सबसे ज्यादा असर देखा गया है, जहाँ करीब 2 फीट तक बर्फ की मोटी परत जम चुकी है।
- अन्य जिले: उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी से पारा शून्य के नीचे लुढ़क गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी: 60KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने बिगड़ते हालात को देखते हुए देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों में:
- 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं।
- गर्जन के साथ तीव्र आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है।
आगामी तीन दिनों का विस्तृत पूर्वानुमान
| तिथि | अनुमानित मौसम स्थिति | प्रभावित क्षेत्र |
| 21 मार्च | मध्यम बारिश एवं बर्फबारी (3000m+ ऊंचाई पर) | उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ |
| 22 मार्च | हल्की बारिश और बिजली की चमक (3300m+ पर हिमपात) | पर्वतीय क्षेत्र (मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहेगा) |
| 23 मार्च | हल्की से मध्यम वर्षा एवं गर्जन के साथ बिजली | उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग समेत समस्त पर्वतीय जिले |
प्रशासन की अपील: सतर्क रहें यात्री
लगातार हो रही ओलावृष्टि और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। ऊंचाई वाले इलाकों में भूस्खलन और सड़कों पर फिसलन का खतरा बढ़ गया है।
विशेष नोट: वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की सक्रियता के कारण अगले 72 घंटे उत्तराखंड के लिए बेहद संवेदनशील हैं। सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।


