कार्यशाला के दूसरे सत्र में वन क्षेत्राधिकारी ने वन पंचायत प्रतिनिधियों को वन पंचायत नियमावली 2024 में हुए नवीन संशोधनों की बारीकी से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए नियमों के तहत सरपंचों के अधिकारों और कर्तव्यों में क्या बदलाव आए हैं और किस तरह वे वनों के संरक्षण में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ब्लॉक प्रमुख रामगढ़ दीप चंद्र आर्या तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य ज्योति आर्या उपस्थित रहे, जिन्होंने जनता से विभाग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का आह्वान किया।
कार्यशाला में विभिन्न ग्रामों से आए जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। उपस्थित जनप्रतिनिधियों में रेखा बिष्ट ग्राम प्रधान बैरोली, निर्मला जीना ग्राम प्रधान कफूड़ा, भुवन चंद्र आर्या ग्राम प्रधान सिरसा, सरपंच संगठन अध्यक्ष कमल सुनाल, धर्मेन्द्र बिष्ट सरपंच प्यूड़ा, दीपा कबड़वाल सरपंच सतोली, भीम सिंह सरपंच बड़ेत, राकेश राणा सरपंच मौना, मीडिया प्रतिनिधि अनूप जीना तथा विभागीय कर्मचारियों में वन दरोगा बृजेश विश्वकर्मा, संजय टम्टा, वन आरक्षी वीरपाल सिंह, बिपिन बिष्ट, मनोज कैड़ा, दीवान सिंह, रोहित रैकुनी, धर्मानंद शर्मा, अग्नि श्रमिक नंदकिशोर, लालू आर्या और मोहन बिष्ट सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
समापन पर उपस्थित ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने वनाग्नि रोकथाम और मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की।