सीएनई रिपोर्टर
ओवाद का कहर देश में फिर बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के भेज्जी थाने से सिर्फ आधा किलोमीटर दूर पुलिस के दो जवानों की हत्या कर दी गई है। जिन पुलिसवालों की हत्या हुई है वे भेज्जी थाने में ही तैनात थे। थाने के पास ही पुलिस कैंप भी है। गुरुवार को दोनों जवान बाइक से बाजार की तरफ जा रहे थे। तभी इनका रास्ता रोक कर किसी ने गले पर धारदार हथियार से हमला कर दिया और फरार हो गया। इस घटना को लेकर ग्रामीण कुछ भी नहीं बोल रहे। एसपी केएल ध्रुव ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। जिन जवानों की हत्या की गई है उनके नाम पुनेम हड़मा और धनीराम कश्यप थे। छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों पर हमले की 23 दिन में यह तीसरी घटना है। ग्रामीण सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस हत्या के पीछे नक्सलियों की स्मॉल एक्शन टीम का हाथ हो सकता है। इस तरह की टीमें कैंप से बाहर निकले पुलिस के लोगों पर नजर रखती हैं। ग्रामीणों के बीच रहने वाले ऐसे नक्सलियों की पहचान नहीं हो पाती और ये मौका देखकर हमला कर देते हैं। जहां घटना हुई वहां अक्सर पुलिस के जवान शराब पीने या फिर अस्पताल और बाजार से जुड़े कामों के लिए जाते रहते हैं। सुकमा पुलिस ने कहा है कि पुलिस जवानों के सड़क पर पड़े होने की जानकारी मिलने के बाद एक टीम मौके पर पहुंची। वहां देखा कि सुकमा के पूनेम हड़मा और दंतेवाड़ा के धनीराम कश्यप वहां गिरे हुए थे। उनकी गर्दन से खून बह चुका था। पुलिस के मौके पर पहुंचने तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
यहां दो पुलिस कर्मियों का गला रेत कर हत्या, नक्सली हमला
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