आसमानी आफत : सदी की सबसे भयंकर ओलावृष्टि, एक—एक किलो तक के ओलों की बरसात, हर तरफ मच गया कोहराम…पढ़िये पूरी ख़बर…
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कानपुर/उप्र। कल्पना कीजिए आप घर से बाहर निकले कि आपके ऊपर अचानक आसमान से हर तरफ से पत्थरों की बरसात शुरू हो जाये। ऐसा ही कुछ गत दिवस हयां बिल्हौर तहसील मुख्यालय के आस—पास के इलाकों में हुआ है। यहां लगभग 20 मिनट तक भयंकर ओलावृष्टि हुई। ओलों का आकार इतना बड़ा था कि लोगों में चीख—पुकार मच गई। यही नही उप्र के लगभग दो दर्जन जनपदों से इसी रह के ओलावृष्टि के समाचार हैं। जो अब तक सदी की सबसे बड़ी ओलावृष्टि मानी जा रही है। ओलावृष्टि का कहर इतना अधिक था कि कई स्थानों पर दीवारें, पानी की टंकियां, बाइक-कार, सोलर प्लेट, टिनशेड, पाइप लाइन, बिजली तार-खंभे, ट्रांसफार्मर, घरों के बाहर बंधे मवेशियों, पशुबाड़ा, चारदीवारी टूट गई। दर्जनों गांवों में मवेशी, मुर्गियां, पक्षी और घरेलू पशुओं के मरने और घायल होने की सूचना है। यह ओलावृष्टि शनिवार दोपहर तीन बजे के बाद से शुरू हुई। पहले तेज हवाएं और बूंदाबादी शुरु हुई, जब तक लोग कुछ समझ पाते तब तक हवाओं ने तूफान का रुख अख्तियार कर लिया और भीषण ओलावृष्टि शुरु हो गई। कुछ ही देर में करीब एक-एक किलो वजन के पत्थर वाले ओले बरसने लगे। छप्परों, टिनशेड और पेड़ों के नीचे बारिश से बचने के लिए खड़े लोगों में चीख-पुकार मच गई। खुले में खड़ी गाड़ियों के शीशे टूट गए। ओलावृष्टि से संपत्ति को नुकसान हुआ ही है, वहीं मवेशियों के मारे जाने की भी सूचना है। बिल्हौर एसडीएम साईं तेजा सीलम ने बताया कि इस भारी ओलावृष्टि से चल-अचल संपत्ति और फसलों को बहुत नुकसान हुआ है। एक युवक और कई पशुओं की मौत हुई है। कई इलाकों में घर भी गिरे हैं। सभी राजस्व कर्मियों को अलर्ट जारी किया गया है, अन्य विभागों से भी सहयता ली जा रही है। राहत टीमें जल्द से जल्द पीड़ितों तक पहुंचने का प्रयास कर रहीं हैं। इधर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दूरस्त ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई इंसानों की जान ओलावृष्टि व आंधी—तुफान से हुई है।